हिमाचल प्रदेश में लोग अब चार बिस्वा तक जमीन बेच और खरीद सकेंगे। लोगों की मांग के मद्देनजर प्रदेश सरकार पांच बिस्वा से कम जमीन नहीं बेच पाने की शर्त में छूट देने की तैयारी कर रही है। इस शर्त के चलते अभी तक पांच बिस्वा से कम जमीन की रजिस्ट्री नहीं होती है। टीसीपी विभाग ने इसमें बदलाव करने से पहले जनता से सुझाव मांगे हैं। इस बारे जल्द ही अधिसूचना जारी हो सकती है।
हिमाचल में धड़ाधड़ जमीनों की बिक्री के मद्देनजर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2011 में पांच बिस्वा से कम जमीन न बेच पाने की शर्त लगा दी थी। यानी पांच बिस्वा से कम भूमि की रजिस्ट्री नहीं हो सकती। इससे कम जमीन किसी को दान दी जा सकती है। ऐसा इसलिए भी किया गया ताकि प्रदेश के लोग भूमिहीन न हो जाएं।
इस शर्त के चलते लोग पांच बिस्वा से कम जमीन न खरीद पा रहे और न बेच पा रहे हैं। टीसीपी विभाग का तर्क है कि चार बिस्वा जमीन पर आसानी से टू-रूम सेट बन जाता है। प्रदेश में दिनोंदिन जमीन की कीमतों में बढ़ोतरी के मद्देनजर अब चार बिस्वा तक जमीन की रजिस्ट्री करने की इजाजत दी जा सकती है।
प्लॉट का साइज कम करने से राजस्व शुल्क भी कम लगेगा। वर्तमान में राजस्व विभाग प्लॉट की कुल कीमत का 8 फीसदी रेवेन्यू फीस लेता है। शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने बताया कि हिमाचल में चार बिस्वा जमीन की रजिस्ट्री कराने का प्रस्ताव है। आम लोगों से इसके लिए सुझाव मांगे गए हैं। इसके बाद प्लॉट का साइज निर्धारित होगा।