उपमंडल से लगते ज्वालामुखी क्षेत्र के भड़ोली गांव में कोरोना योद्धाओं के बीच ऐसे कोरोना योद्धा भी हैं, जिन्होंने किरायेदारों का दो महीने का 58,000 किराया तो माफ किया ही साथ ही अपना होटल भी कोरोना से बचाव में ड्यूटी दे रहे पुलिस कर्मियों के लिए निशुल्क उपलब्ध करवाया है। हमीरपुर सीमा पर पुल के एक और लगे कांगड़ा पुलिस के नाके पर तैनात कर्मचारी ड्यूटी खत्म होते ही इस होटल में आराम करते हैं। यह होटल व्यास पुल के निकट ही है।
इसके मालिक सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य सुरेश कुमार ने कहा कि करीब चार माह पूर्व 18 मार्च से उन्होंने पुलिस कर्मचारियों को यह होटल दिया है। इसके लिए उन्होंने कोई पैसा नहीं लिया। जब कोई अधिकारी नाके का निरीक्षण करने आते हैं तो पास ही स्थित उनके अपने कार्यालय को प्रयोग में लाया जाता है। उन्होंने नाके के पास एक दुकान भी कर्मचारियों के हवाले की है, जहां हर आने-जाने वाले वाहन का पंजीकरण किया जा रहा है।
सुरेश कुमार ने अपने होटल के पास ढाबे वाले व एक वर्कशॉप के लिए दो लोगों को अपनी दो दुकानें किराए पर दी हैं, लेकिन परंतु लॉकडाउन के दौरान इन दुकानदारों का करीब 58,000 रुपये किराया माफ किया है। इस आपदा के समय उन्होंने और भी कई लोगों की कई तरह से मदद की है। सुरेश कुमार ने 11,000 रुपये कोविड-19 रिलीफ फंड के लिए भी भेजे। सुरेश कुमार के इस देश सेवा के जज्बे की क्षेत्र भर में चर्चा है। लोग उन्हें भी एक सच्चा कोरोना योद्धा बता रहे हैं।