मौके पर इंजीनियर्स फोर्स, सीमा सड़क संगठन, डोगरा स्काउट, जेके राइफल्स, रडार टीम, डॉग स्क्वॉड और लद्दाख से पहुंची ग्लेशियर सर्च टीमें लापता जवानों को तलाशने में जुटी हुई हैं। जिला प्रशासन के सहयोग से सेना द्वारा पूरा संचालन नियंत्रित किया गया है। लापता जवानों को तलाशने के लिए उन्नत उपकरण, चैन, आरी, मेटल डिटेक्टर, आइस कट्टर और थर्मल सेंसर का उपयोग भी किया जा रहा है। वीरवार को नमज्ञा गांव के ग्रामीणों ने भी सर्च ऑपरेशन में सहयोग किया।
एडीएम पूह शिवमोहन सेनी बताया कि डोगरी नाले में हिमखंड की चपेट में आए जवानों का आठवें दिन भी कोई सुराग नहीं लग पाया है। सेना, सीमा सड़क संगठन के जवान और आईटीबीपी के जवान लगातार सर्च ऑपरेशन चलाए हुए हैं। उपायुक्त किन्नौर गोपाल चंद ने बताया कि वीरवार को मौसम बार-बार खराब और बर्फबारी होने के चलते रेस्क्यू अभियान बंद कर दिया है। शुक्रवार को मौसम साफ रहने पर फिर से जवानों को तलाश करने का अभियान जारी रहेगा अभी तक पांच जवानों को कोई पता नहीं चल पाया है।