उत्तर रेलवे, अंबाला डिवीजन के एक अधिकारी ने कहा कि क्रिसमस और नए साल के दौरान शिमला में पर्यटकों की बढ़ती आमद को देखते हुए दो हॉलिडे ट्रेनें चलाने का फैसला किया गया है। शिमला होटल और पर्यटन हितधारक संघ के अध्यक्ष एम के सेठ ने कहा कि क्रिसमस सीजन के लिए भारी बुकिंग मिली है, जबकि नए साल के लिए 25 से 30 प्रतिशत अग्रिम आरक्षण हैं।
यह रहेगा किराया
ट्रेन के दो जनरल डिब्बे में किराया 75 रुपये तय किया गया है। इसी तरह पर्यटक के दो डिब्बों में किराया 945, फर्स्ट क्लास के दो डिब्बों में 790 रुपये किराया निर्धारित किया गया है।
अंग्रेजों ने 1903 में शिमला को जोड़ने के लिए पहली रेल लाइन बिछाई थी। 2009 में, कालका-शिमला रेल ट्रैक को यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया था। 96.6 किलोमीटर लंबे नैरो गेज रेलवे ट्रैक पर 103 सुरंगें हैं, इसके अलावा 800 पुल, 919 मोड़ और 18 रेलवे स्टेशन हैं। शिमला-कालका 11 दिसंबर, 2018 को विस्टाडोम कोच चलाने वाला देश का पहला नैरो गेज ट्रैक बन गया।
टॉय ट्रेन है सैलानियों की पहली पसंद
साल की बची छुट्टियां, क्रिसमस और नए साल के जश्न के लिए सैलानियों का कालका से शिमला के लिए आवागमन शुरू हो गया है। सैलानियों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखकर स्पेशल ट्रेन का संचालन किया जा रहा है। बता दें कि हर साल हजारों की संख्या में सैलानी क्रिसमस और नए साल पर शिमला पहुंचते हैं। ऐसे में सड़क मार्ग की अपेक्षा टॉय ट्रेन सैलानियों की पहली पसंद है, क्योंकि घुमावदार पहाड़ों के बीच से जब टॉय ट्रेन गुजरती है तो नजारा देखने लायक होता है।