भूजल में इन विषैले रासायनिक तत्वों के घुलने के कई कारण पाए गए हैं। इनमें उद्योगों के व्यर्थ पदार्थों की असुरक्षित और अवैज्ञानिक डंपिंग करना है। खेतीबाड़ी में कीटनाशकों का प्रयोग और एक अन्य वजह जियोजेनिक भी है।
यानी भूजल स्तर नीचे जाने से भी ये खतरनाक रसायन पेयजल में घुल रहे हैं। इनमें सबसे खतरनाक प्रदूषक तत्व आर्सेनिक भी तय मात्रा से ज्यादा पाया गया है। इससे लोगों को कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियां हो सकती हैं।
शोध में पानी में कई विषैले तत्व पाए गए हैं। उद्योगों से निकलने वाले वेस्ट का ठीक से निस्तारण करने की जरूरत है। पानी के वैज्ञानिक तरीके से ट्रीटमेंट के बाद ही इसे मुहैया करवाया जाना चाहिए।
अन्य विषैले तत्वों की तरह ही आर्सेनिक का तय मात्रा से ज्यादा पाया जाना खतरनाक है। इससे कारसिनोजेनिक हेल्थ रिस्क यानी कैंसर जैसी बीमारियां होने का जोखिम है। -डॉ. एसके भारद्वाज, विभागाध्यक्ष, पर्यावरण विभाग, डॉ. वाईएस परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी