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दुर्लभ जीव-जंतुओं की आहट से शोध के लिए ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क पहुंचे शोधार्थी

Tue, 12 Dec 2017 03:27 PM IST
हरिकृष्ण कौल /अमर उजाला, बंजार (कुल्लू)
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विश्व धरोहर ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क में दुर्लभ जीव-जंतुओं की आहट मिलते ही देश भर के शोधार्थी जुटना शुरू हो गए हैं। बंजार की तीर्थन घाटी में 754.40 वर्ग किलोमीटर फैले ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क में हाल ही में हिम तेंदुआ और कस्तुरी मृग देखा गया है। 
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दुर्लभ जीव जंतुओं की उपस्थिति मिलते ही वनों और जानवरों से प्यार करने वाले शोधार्थी दस्तक दे रहे हैं और शोध में जुट गए हैं। देहरादून स्थित वाइल्ड लाइफ संस्थान के विद्यार्थी पार्क में डेरा जमाया हुआ है। यहां 80 ट्रैप कैमरा लगाए गए हैं। 

24 ट्रैप कैमरा पहले ही पार्क प्रबंधन की ओर से स्थापित किए गए हैं। शोधार्थियों के लगाए गए कैमरे में ही हिम तेंदुआ कैद हुआ था। पिछले कुछ दिनों में ग्रेट हिमायलन नेशनल पार्क का कुछ हिस्सा बर्फबारी से ढक चुका था।
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पार्क में वास करती हैं ये प्रजातियां

वन परिक्षेत्र अधिकारी तीर्थन हेमराज सर्वटा और वन रक्षक पूवेंद्र सिह ने बताया कि वन्य प्राणियों 31 प्रजातियों में काला भालू, भूरा भालू, कस्तूरी मृग, हिम तेंदुआ, घोरल, हिमालयन शीप, हिमालयन थार, 

हिमालयन विजल के अलावा मुर्गा प्रजाति और दुर्लभ पक्षियों की 205 नस्लों में जाजुराना तथा मोनाल, कोकलास, शाहिल, माटिंग, चिंड सीजेंड और 44 तितलियों की प्रजातियां भी पाई जाती हैं। 

शिकारियों पर पैनी नजर : डॉ. कृपा शंकर
डीएफओ ग्रेट हिमलायन नेशनल पार्क डॉ. कृपा शंकर का कहना है कि पार्क प्रबंधन की ओर से 24 ट्रैप कैमरों की व्यवस्था वन्य प्राणियों की हलचल कैद करने और शिकारियों पर पैनी नजर रखने के लिए की गई है। पार्क क्षेत्र में पेट्रोलिंग के लिए ग्रामीणों और कर्मचारियों के समूहों को भेजा गया है। पार्क में शिकारियों पर शिकंजा कसने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
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