हिमाचल प्रदेश में कमीशन के माध्यम से कार्यरत अनुबंध अध्यापकों को नियमितीकरण के समय दोबारा से मेडिकल और चरित्र प्रमाणपत्र नहीं देना होगा। पांच साल का सेवाकाल पूरा करने वाले अनुबंध अध्यापकों ने सरकार ने यह बड़ी राहत दी है। राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विरेंद्र चौहान और हिमाचल प्रदेश अनुबंध अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र वर्मा की अगुवाई में
बीते दिन एक प्रतिनिधिमंडल ने इस मामले को लेकर अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा पीसी धीमान से मुलाकात की। विरेंद्र चौहान ने बताया कि पीसी धीमान ने आश्वस्त किया है कि इस बार से मेडिकल और चरित्र प्रमाणपत्र देने में छूट दी जाएगी। शिक्षक संघों के पदाधिकारियों ने अतिरिक्त मुख्य सचिव को बताया कि अनुबंध कर्मचारियों की नियुक्ति नियमित प्रक्रिया के समान लोक सेवा आयोग और अधीनस्थ चयन बोर्ड द्वारा होती है।