पुरानी स्लैब दर से ही जारी होंगे संपत्ति कर के बिल, ज्यादा राशि जमा कर दी है तो बिलों में समायोजित करेगा नगर निगम
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नगर निगम सदन ने संशोधन के प्रस्ताव को दी मंजूरी अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहरवासियों के लिए राहत भरी खबर है। सरकार के बनाए उपयोग सॉफ्टवेयर की नई स्लैब दर के कारण अब लोगों को ज्यादा संपत्ति कर नहीं चुकाना पड़ेगा। इसमें जिन लोगों ने पहले ज्यादा बिल जमा कर दिया है, उनकी अतिरिक्त राशि भी अगले बिल में एडजस्ट की जाएगी।
नगर निगम पुरानी व्यवस्था के तहत ही लोगों से संपत्ति कर की वसूली करेगा। शहरवासियों को राहत देने के इस प्रस्ताव को नगर निगम सदन ने मंजूरी दे दी है। महापौर सुरेंद्र चौहान और उप महापौर उमा कौशल की अध्यक्षता में शुक्रवार को बचत भवन में हुई नगर निगम की मासिक बैठक में इस प्रस्ताव पर लंबी चर्चा हुई। आयुक्त सचिन कंवल ने कहा कि नगर निगम ने इस साल से संपत्ति कर के बिल जारी करने की व्यवस्था में बदलाव किया है।
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सरकार के निर्देश पर नए उपयोग सॉफ्टवेयर से टैक्स के बिल जारी किए जा रहे हैं। इस सॉफ्टवेयर में 100 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले सभी भवन मालिकों को फ्लैट छह फीसदी की स्लैब दर से बिल जारी हो रहे थे। यदि भवन का आकार 120 वर्ग मीटर है तो नए सॉफ्टवेयर के अनुसार पूरे 120 वर्ग मीटर पर छह फीसदी की दर लागू हो रही थी। वहीं नगर निगम की व्यवस्था अलग थी। निगम 120 वर्ग मीटर आकार वाले भवन में 100 वर्ग मीटर तक तीन फीसदी और बाकी 20 वर्ग मीटर पर छह फीसदी की दर से बिल जारी करता था। इससे लोगों को कम बिल देना पड़ता था। हालांकि, इस स्लैब दर का नगर निगम के उपनियमों में जिक्र नहीं था। शहरी विकास विभाग ने भी उपनियमों का हवाला देकर पुरानी व्यवस्था लागू करने से मना कर दिया था। इस कारण अब सदन में प्रस्ताव लाया गया है। नगर निगम के उपनियमों में संशोधन कर इसमें स्लैब दर को शामिल किया जाएगा।
हजारों भवन मालिकों को होगा फायदा पुरानी व्यवस्था के तहत बिल जारी होने से हजारों भवन मालिकों को राहत मिलेगी। नगर निगम शिमला शहर में 32 हजार से ज्यादा भवन मालिकों से संपत्ति कर वसूलता है। इस साल पहले ही निगम ने टैक्स में 10 फीसदी तक की बढ़ोतरी की है। अब फ्लैट स्लैब दर के कारण बिल कई गुना बढ़ गए थे। फ्लैट स्लैब दर हटने से लोगों को राहत मिलेगी।
इन प्रस्तावों को भी मिली मंजूरी 27.23 लाख रुपये से आईजीएमसी के पास पेट्रोल पंप के लिए साइट तैयार होगी। बसंतपुर के शकरोड़ी में सामुदायिक सराय भवन के निर्माण को एनओसी दी गई। मल्याणा में राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के कार्यालय निर्माण के लिए भूमि देने को मंजूरी। मेट्रोपॉलिटिन सेंटर के लिए केंद्र से आए 62 लाख रुपये खर्च करने को मंजूरी।