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Shimla News: प्रवासी मजदूरों को मकान किराये पर देने से पहले बनवाना होगा रेंट एग्रीमेंट

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हिंदू संगठनों के बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों की बढ़ती संख्या पर रोष के बाद हरकत में आया पुलिस विभाग
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प्रवासी मजदूरों, फेरीवालों, दुकानदारों का गृहक्षेत्र के थाने से होगा सत्यापन, थानों में पहुंचने लगे लोग
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। बाहरी राज्यों से हजारों की संख्या में आने वाले प्रवासी मजदूरों को लेकर फैले रोष को देखते हुए अब पुलिस भी अलर्ट हो गई है। एसपी शिमला के निर्देशों के बाद जिला शिमला के सभी थानों ने बाहरी राज्यों से आने वाले प्रवासी मजदूरों का पंजीकरण शुरू कर दिया है। थानों की ओर से सार्वजनिक सूचना जारी कर इस संबंध में मकान मालिकों और ठेकेदारों सहित सभी फेरी वालों, मजदूरों को सूचित किया जा रहा है। पुलिस ने साफ किया है कि अब मकान मालिकों को प्रवासी मजदूरों को किराये पर कमरे देने से पहले रेंट एग्रीमेंट बनवाना होगा। इस एग्रीमेंट की एक प्रति थाने में जमा करवानी जरूरी कर दी गई है। इसके बाद ही मकान मालिक किसी प्रवासी मजदूर को किराये पर मकान दे सकेंगे। इसकी सूचना मिलने के बाद पुलिस प्रवासी मजदूर के संबंधित क्षेत्र के थाने से उसका सत्यापन करवाएगा। जिले में अभी तक 14 हजार से अधिक प्रवासी लोग पंजीकृत हैं। सुन्नी थाने में हाल ही में 60 लोगों का पंजीकरण किया जा चुका है, जबकि शिमला शहर के थानों में भी पंजीकरण की प्रक्रिया जारी है। रविवार को थाना सदर के बाहर पंजीकरण करवाने के लिए प्रवासी मजदूरों की लाइनें लगी रहीं। गौर हो कि हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन के दौरान इस बात को जोरशोर से उठाया था कि बाहरी राज्यों से आने वाले प्रवासी मजदूरों और लोगों को उनके थाने से ही सत्यापन करवाया जाए, जिससे कि प्रदेश में रहने वाले आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त प्रवासियों की पहचान हो सके।
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नियमों की अवहेलना पर वाहन मालिकों और ठेकेदारों पर भी होगी कार्रवाई
जिला शिमला की बात करें तो यहां पर सेब के बगीचों में हजारों की संख्या में नेपाल समेत देश के विभिन्न राज्यों के मजदूर आकर काम करते हैं। इसके अलावा शिमला शहर में भी बड़ी संख्या में निर्माण कार्य, फेरी वाले, दुकानदार, रेहड़ी-फड़ी लगाने वाले भी बड़ी संख्या में हैं। नियमों के तहत नेपाल और बाहरी राज्यों से आने वाले प्रवासी लोगों का पंजीकरण अनिवार्य है लेकिन कई बार देखा गया है कि ठेकेदार और मकान मालिक इसको लेकर अपनी जिम्मेदारी नहीं समझते हैं। इस वजह से ऐसे लोगों का शतप्रतिशत पंजीकरण संभव नहीं हो पाता है। इसको देखते हुए ऐसे मामलों में ठेकेदारों और मकान मालिकों की जिम्मेदारी भी सुनिश्चित की गई है। अगर वह अपने अधीन रहने प्रवासी लोगों की सूचना पुलिस को नहीं देते हैं तो उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 366 के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके तहत दोषी को छह माह की सजा और जुर्माना दोनों हो सकते हैं।
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