दिवाली पर भी महंगाई की मार पड़ने वाली है। त्योहारी सीजन के बीच राजधानी में देसी घी समेत तेल और रिफाइंड महंगे हो गए हैं। आटे और काबुली चने के रेट में भी तेजी आई है। ऐसे में दिवाली पर लोगों को इनकी खरीददारी करने के लिए अब पहले से ज्यादा पैसा देना पड़ेगा। शहर के कारोबारियों के मुताबिक त्योहारी सीजन में लगातार बढ़ रही मांग से घी, सरसों तेल और रिफाइंड के दाम बढ़े हैं। विभिन्न कंपनियों के देसी घी के दाम रिटेल में 620 रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गए हैं। कारोबारियों के अनुसार दूध के रेट बढ़ने का असर घी के दामों पर भी पड़ा है। चार माह पहले तक देसी घी के रेट 500 से 550 रुपये प्रति किलो थे। अब त्योहारी सीजन में इनके दामों में 50 से 100 रुपये प्रतिकिलो की बढ़ोतरी हो गई है। स्थानीय लोगों की ओर से बेचा जा रहा देसी घी 700 रुपये प्रति किलो मिल रहा है। वहीं तेल के रेट पांच रुपये प्रतिलीटर बढ़े हैं।
पी मार्का तेल होलसेल में 172 तो रिटेल में अब 185 से 190 रुपये तक बिक रहा है। दो हफ्ते पहले तक इसके रेट रिटेल में ही 180 रुपये प्रति लीटर तक घट गए थे। बाकी कंपनियों का तेल भी पांच रुपये बढ़कर अब रिटेल में 175 से 180 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। रिफाइंड के दामों में भी दस रुपये तक की तेजी आई है। अनाज मंडी के कारोबारी सुभाष चंद ने कहा कि तेल और रिफाइंड के दामों में तेजी आई है। उम्मीद है त्योहारी सीजन के बाद इसके दाम फिर घटने लगेंगे। शिमला व्यापार मंडल अध्यक्ष संजीव ठाकुर ने कहा कि दूध के दाम बढ़ने के बाद घी महंगा हुआ है। एक साल में इसके रेट 200 रुपये प्रति किलो तक बढ़ गए हैं।
काबुली चना और आटा भी महंगा
राजधानी की अनाज मंडी में ज्यादातर दालों के रेट स्थिर हैं। काबुली चने महंगे हुए हैं। इसके दाम अब 100 रुपये प्रतिकिलो पहुंच गए हैं। चक्की आटे के दामों में भी एक से दो रुपये तक की तेजी आई है। 40 किलो आटे की बोरी अब 1240 से बढ़कर 1280 रुपये तक पहुंच गई है। अनाज मंडी कारोबारी एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक श्रीधर ने कहा कि आटे के दामों में तेजी आई है। त्योहार और शादी सीजन के चलते मांग बढ़ने से ऐसा हुआ है।
रिटेल रेट लिस्ट
सामान पिछले हफ्ते रेट इस हफ्ते रेट
रिफाइंड 130 से 135 140 से 145 रुपये प्रति लीटर
सरसों तेल 170 से 180 180 से 190 रुपये प्रति लीटर
काबुली चना 95 रुपये 100 रुपये प्रति किलो