एचआरटीसी परिचालकों के 700 पदों पर भर्ती करने जा रहा है। दसवीं पास युवा भी इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। सरकार ने इस बारे में दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। आवेदन 9 मार्च से पहले करने होंगे।
जो युवा इन पदों पर भर्ती होना चाहते हैं, उन्हें दसवीं पास प्रमाण पत्र के अलावा परिचालक लाइसेंस की प्रति भी आवेदन पत्र के साथ जमा करवानी होगी। इसके लिए पात्र अभ्यर्थी परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं।
अभी ये भर्ती नियमित नहीं होगी। गौरतलब है कि कोर्ट ने पहले ही कंडक्टर भर्ती पर रोक लगाई थी। वहीं, सरकार ने एचआरटीसी में खाली पदों को भरने के लिए ये बीच का रास्ता निकाला है।
इस हिसाब से मिलेगा वेतन
हिमाचल में अब प्रति घंटे के आधार पर ये बस कंडक्टर रखे जाएंगे। इन्हें एक घंटे के 15 रुपये मिलेंगे। पहले चरण में 14 दिन की ट्रेनिंग के बाद इनकी साढ़े पांच माह तक सेवाएं ली जाएंगी।
इसके बाद जरूरत के अनुसार इन्हें बुलाया जा सकता है। प्रदेश भर में 700 युवाओं को इसके लिए चयनित किया जाएगा। एचआरटीसी प्रबंधन ने मैट्रिक पास एवं कंडक्टर लाइसेंस धारक अभ्यर्थियों से नौ मार्च तक आवेदन आमंत्रित किए हैं।
हिमाचल में कंडक्टर भर्ती पर फिलहाल न्यायालय ने रोक लगाई है। प्रदेश में पहले ही कंडक्टरों की कमी है। इसके चलते एचआरटीसी की कई बसें खड़ी हो गई हैं। इससे निपटने को सरकार ने पैसेंजर सर्विस डिलीवरी स्किल डेवलेपमेंट स्कीम के तहत युवाओं को प्रशिक्षित कर उनकी सेवाएं लेने का फैसला किया है। हर डिपो में 25-30 युवाओं को ट्रेनिंग देकर घंटे के हिसाब से उनकी कंडक्टर के तौर पर सेवाएं ली जाएंगी।
क्या होगा प्रशिक्षण में?
चौदह दिन की ट्रेनिंग के दौरान युवाओं को टिकट काटना, ट्रैफिक नियमों, बस रोकने-चलाने के संकेत और कैश के बारे में जानकारी दी जाएगी। 14 दिन पूरे होने के बाद एक दिन के लिए इन कंडक्टरों को निगम के कंडक्टर के साथ भेजा जाएगा। इसके बाद ये अपने स्तर पर ही बसों में सवारियों के टिकट काटेंगे।
परिवहन मंत्री जीएस बाली का कहना है कि हिमाचल के 27 डिपो में करीब 700 बेरोजगार युवाओं को कंडक्टर का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद इन्हें बसों में चढ़ाया जाएगा। 15 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से भुगतान होगा। फिलहाल साढ़े पांच महीने के लिए रखा जाएगा।