फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हजारों भवन मालिकों को मिली बड़ी राहत

विज्ञापन
विज्ञापन
राजधानी के मर्ज एरिया वार्डों के 18,948 भवन मालिकों को नगर निगम ने बड़ी राहत दी है। मर्ज एरिया वार्ड ढली, चम्याणा, मल्याणा, पटयोग (न्यू शिमला), टुटू और कसुम्पटी के भवन मालिकों को फरवरी 2012 से यूनिट एरिया मेथड के आधार पर प्रापर्टी टैक्स नहीं चुकाना पड़ेगा। बुधवार को आयोजित नगर निगम के विशेष सदन में विधि शाखा की राय मिलने के बाद मर्ज एरिया के लोगों को बड़ी राहत देने का फैसला लिया गया।
विज्ञापन


विधि शाखा का कहना है कि शहर में बैक डेट से प्रापर्टी टैक्स नहीं वसूला जा सकता। नगर निगम प्रस्ताव पारित कर अब राज्य सरकार से स्पष्टीकरण देने के लिए कहेगा। मर्ज एरिया वार्डों में यूनिट एरिया मेथड से प्रापर्टी टैक्स वसूली साल 2014-15 से होगी। साल 2007 में मर्ज एरिया वार्डों को नगर निगम में शामिल किया था।

इनसे पहली बार टैक्स वसूला जाएगा। बैठक की अध्यक्षता करते हुए महापौर संजय चौहान ने बताया कि कानूनी राय मिलने के बाद नगर निगम ने अपने स्तर पर फैसला ले लिया है। सरकार से स्पष्टीकरण प्राप्त होते ही स्थिति साफ हो जाएगी।
विज्ञापन

घासनी और गैर मुमकिन भूमि को छूट

नगर निगम के बुधवार को विशेष सदन में घासनी, आम रास्ते और गैर मुमकिन भूमि को प्रापर्टी टैक्स में छूट दी गई। इन पर नगर निगम टैक्स नहीं लगाएगा। अगस्त के विशेष सदन में नगर निगम ने ग्रीन एरिया, कृषि भूमि को भी छूट दी है। इसके अलावा एकल महिला, विधवा, विकलांग, 70 साल की आयु से अधिक बुजुर्गों, एससी/एसटी बीपीएल को प्रापर्टी टैक्स में 50 फीसदी छूट दी जाएगी। सेल्फ यूज वालों को दो सौ रुपये से 800 रुपये तक टैक्स लगाया जाएगा।

कई भवन मालिकों पर पड़ेगा बोझ
यूनिट एरिया मेथड से ऐसे भवन मालिकों पर सबसे अधिक मार पड़ने वाली है जिनकी संपत्ति की वैल्यू तो करोड़ों में हैं लेकिन मकान से एक पैसे की आमदनी नहीं है। या फिर मकान से काफी कम किराया मिल रहा है। शिमला में ऐसे भवनों की संख्या काफी है।

सौ वर्ग मीटर भूमि और फ्लैट पर भी टैक्स

सौ वर्ग मीटर की भूमि और फ्लैट पर भी प्रापर्टी टैक्स लगेगा। करीब आठ हजार शहरवासी इस छूट के खत्म होने से टैक्स के दायरे में आने वाले हैं। पुरानी व्यवस्था में अभी तक सौ वर्र्ग मीटर भूमि और फ्लैट वाले उपभोक्ताओं से टैक्स नहीं लिया जाता है।

अवैध निर्माण पर भी लगेगा टैक्स
अवैध निर्माण करने वाले लोग भी यूनिट एरिया मेथड के दायरे में हैं। नई टैक्स प्रणाली के लागू होने के बाद बिना अनुमति भवन निर्माण करने वाले इन लोगों को भी टैक्स देना पड़ेगा। लेकिन टैक्स देने से यह मकान नियमित नहीं माने जाएंगे। पांच हजार से अधिक लोगों ने शहर में अवैध निर्माण किया है।

नवंबर में जारी होगी टैक्स की अधिसूचना

राजधानी शिमला में नवंबर माह से नई टैक्स पद्धति यूनिट एरिया मेथड लागू होगी। नगर निगम ने प्रापर्टी टैक्स के बॉयलाज तैयार कर लिए हैं। बॉयलाज की अधिसूचना जारी होने के बाद प्रापर्टी टैक्स वसूला जाएगा। पुराने शहर के 28556 भवन मालिकों को नगर निगम अब संशोधित बिल जारी नहीं करेगा। भवन मालिकों पर साल 2014-15 से ही यूनिट एरिया मेथड लगेगा। राज्य सरकार ने फरवरी 2012 से शहर में यूनिट एरिया मेथड लागू किया है।

लेकिन इसका विरोध होने के चलते हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद साल 2012-13 और 2013-14 का टैक्स पुरानी पद्धति से वसूला है। नगर निगम मेथड लागू होने पर भवन मालिकों को संशोधित बिल भेजने की बात कहता आया है। लेकिन बुधवार को हुई विशेष सदन में बैक डेट से टैक्स वसूलने को इंकार कर दिया गया है।
विज्ञापन

संशोधित अधिसूचना को बनाया आधार

सितंबर 2013 में राज्य सरकार ने यूनिट एरिया मेथड की अधिसूचना में संशोधन किया था। ऐसे में नगर निगम ने तर्क दिया है कि संशोधित अधिसूचना जारी होने से फरवरी 2012 की अधिसूचना स्वयं रद हो गई है। इसके अलावा निगम का कहना है कि कोई भी अधिसूचना बैक डेट से लागू नहीं होती।

साल 2014-15 में जारी नहीं हुए बिल
पुराने शहर में साल 2014-15 के प्रापर्टी टैक्स बिल जारी नहीं किए हैं। ऐसे में सवाल खड़ा हो गया है कि यूनिट एरिया मेथड से वसूली क्या अप्रैल 2014 से होगी या जल्द जारी होने वाली अधिसूचना की तारीख से। आने वाले दिनों से मेथड लागू हुआ तो अप्रैल से अधिसूचना जारी होने तक की तारीख का टैक्स पुराने शहर के भवन मालिकों को पुरानी पद्धति से चुकाना पड़ेगा।

हाईकोर्ट में एमसी आज देगा जवाब
हाईकोर्ट ने नगर निगम शिमला को दो माह के भीतर यूनिट एरिया मेथड के फाइनल ड्राफ्ट बॉयलाज बनाने के निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट ने एक माह तक बॉयलाज पर लोगों के सुझाव और आपत्तियां लेने तथा एक माह तक फाइनल ड्राफ्ट बनाने को कहा है। 16 अक्तूबर को मामले की सुनवाई होगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें