आईपीएच के इंजीनियर इन चीफ आरके शर्मा ने बताया है कि भारी मात्रा में गाद आने पर ही पेयजल योजनाओं में पंपिंग प्रभावित हो रही है। गिरि पेयजल योजना के कैचमेंट एरिया में मलबा फेंका जा रहा है।
इस कारण ही पंपिंग प्रभावित होती है। गाद का स्तर 2000 पीपीएम होने पर इससे निपटना मुश्किल होता जाता है। ऊपरी शिमला में भारी मात्रा में मलबा गिरि नदी में फेंका जा रहा है।
वहीं, नगर निगम अभियंता विजय गुप्ता ने बताया कि अगर मंगलवार सुबह आईपीएच से पर्याप्त पानी की सप्लाई नहीं मिली तो कई क्षेत्रों में कट लगाया जा सकता है। आईपीएच के अधिशासी अभियंता प्रीत मोहिंद्र सिंह ने कहा है कि गाद भरने से पंपिंग बार-बार बंद हो रही है।