अगर उस समय के टेंडर के रेट को फाइनल किया जाता तो उपभोक्ताओं को 90 से 95 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से तेल उपलब्ध होना था। इसके चलते सरकार ने टेंडर रद्द कर कंपनियों से दोबारा निविदाएं मांगीं।
प्रदेश सरकार की ओर से तय रेट दोनों जोन के लिए बराबर होंगे। पहले जनजातीय क्षेत्रों में खाद्य तेल 2 से 3 रुपये प्रति लीटर मंहगा होता था। अब सरकार ने दोनों जोन के लिए एक ही रेट निर्धारित किए हैं।
उपभोक्ताओं को एक सरसों एक रिफाइंड तेल मिलेगा
हिमाचल के उपभोक्ताओं को अक्तूबर से प्रति कार्ड पर एक लीटर सरसों और एक लीटर रिफाइंड तेल मिलेगा। अभी उपभोक्ताओं को दो लीटर सरसों तेल ही मिल रहा है।