प्रदेश उच्च न्यायालय ने दुराचार से जुड़े एक मामले में पीड़ित का मेडिकल करने वाले सीएचसी चिंतपूर्णी के डॉक्टर, नर्स और जांच कर रहे एएसआई, तीन लेडी कांस्टेबल के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं।
न्यायाधीश धर्म चंद चौधरी ने पुलिस अधीक्षक कांगड़ा को आदेश दिए हैं कि वह अपने शपथ पत्र के माध्यम से जांच की तमाम कार्रवाई बारे कोर्ट को 5 अक्तूबर 2017 तक अवगत करवाएं।
कोर्ट ने रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद पाया कि एएसआई और लेडी कांस्टेबल ने पीड़िता व उसके पिता को उस दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया, जिसमें लिखा था कि वह अपनी मर्जी से आरोपियों के साथ गई थी।
पीड़िता और उसके पिता की पुलिस स्टेशन भरवाई में पिटाई भी की गई। जो लेडी कांस्टेबल पीड़िता व उसके पिता के साथ आरोपियों को तलाशने गई थी उन्हें तलाशने के बाद उन्होंने अपना दोष लिखित तौर पर स्वीकार कर लिया था।
फिर भी पुलिस ने थाने में इन आरोपियों के सामने पीड़िता व उसके पिता की पिटाई की। यही नहीं, पीड़िता की मेडिकल जांच करने वाले डॉक्टर ने भी फेसिलिटेट करने की बजाय थप्पड़ मारा था। मामले पर सुनवाई 5 अक्तूबर को होगी।