रणजी के नॉकआउट में जाने के लिए हिमाचल को अपने बचे हुए दोनों मैच जीतने होंगे, लेकिन उसकी राह में सबसे बड़ा रोड़ा गुजरात बनेगा। हिमाचल अगर गुजरात को अंतिम लीग मैच में हरा देती है तो नॉकआउट के लिए आसानी से क्वालीफाई कर सकती है। हिमाचल के कप्तान और कोच के अंतिम लीग मैचों के लिए विशेष रणनीति तैयार करनी होगी। अंडर-23 ट्राफी में भी पहली बार सेमीफाइनल में पहुंचने पर हिमाचल को गुजरात ने हराकर फाइनल में खेलने का सपना तोड़ा था। वहीं, अब रणजी के दो मैच हिमाचल को हैदराबाद और गुजरात में खेलने हैं। हिमाचल का छठा रणजी मैच 23 से 26 जनवरी को हैदराबाद के साथ होगा। 30 जनवरी से दो फरवरी को गुजरात के साथ दूसरा मुकाबला होगा। अभी तक हिमाचल ने पांच लीग मैचों में तीन में जीत हासिल की और दो मैच हारे हैं।
जबकि गुजरात ने पांच में दो मैच जीते हैं और तीन मैच ड्राॅ रहे हैं। हिमाचल 21 अंकों के साथ पूल में दूसरे स्थान पर है और गुजरात की टीम 19 अंकों के साथ के तीसरे स्थान पर बनी है। 28 अंकों के साथ विदर्भ की टीम पहले स्थान पर है। हैदराबाद 9 अंकों के साथ छठे स्थान पर है। हिमाचल के लिए जहां हैदराबाद पर जीत हासिल करनी होगी। गुजरात से मैच जीतना भी सबसे जरूरी है। एचपीसीए के सचिव अवनीश परमार ने कहा कि हिमाचल अगर गुजरात से मैच में जीत जाता है तो वह आराम से नॉकआउट के लिए क्वालीफाई करेगा। बचे हुए दो मैच से पूर्व हिमाचल की टीम का अभ्यास कैंप भी लगाया जाएगा। इसमें कोच और कप्तान अगले दो मैचों के लिए रणनीति भी तैयार करेंगे। इस बार हिमाचल नॉकआउट के लिए क्वालीफाई भी करेगा और फाइनल भी खेलेगा।