सोलन के साधु पुल स्थित बाबा अमरदेव के आश्रम में साल भर पहले मिली तेंदुए और बाघ की खालों के मामले में नया मोड़ आ गया है। सीआईडी की क्राइम ब्रांच ने मामले की जांच से जुड़े दस्तावेज और खालों की रिपोर्ट मंडल वन अधिकारी (डीएफओ) सोलन को भेज दी है।
ऐसे में बाबा की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। ‘अमर उजाला’ में खबर प्रकाशित होने के बाद अब वन विभाग ने कोर्ट में चालान दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सूत्रों का कहना है कि वन अधिकारी इस हफ्ते के अंत तक चालान स्थानीय कोर्ट में पेश कर सकते हैं।
पिछले साल 23 अप्रैल को बाबा अमरदेव के रामलोक आश्रम में सीआईडी ने छापामारी कर तेंदुए की तीन और बाघ की एक खाल बरामद की थी। सीआईडी की क्राइम ब्रांच ने वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया था।
खालों की वैज्ञानिक प्रमाणिकता के लिए देहरादून स्थित वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (डब्ल्यूआईआई) भेजा गया था। करीब एक साल बाद सोमवार को जांच रिपोर्ट क्राइम ब्रांच को मिली। खालों के तेंदुए और बाघ के होने की पुष्टि हुई है।
सीआईडी ने अब रिपोर्ट डीएफओ सोलन को भेजी है। जानकारों का कहना है कि इस मामले में बाबा के खिलाफ जिस तरह के पुख्ता सबूत हैं, उससे बाबा की मुश्किलें फिलहाल कम होती नहीं दिख रही हैं। ऐसे मामलों में बरामद वन्य वस्तु के प्रमाणित होने पर आरोपी के लिए बचने की संभावनाएं न के बराबर रह जाती हैं।