प्रोटेम स्पीकर (अस्थायी विधानसभा अध्यक्ष) की शपथ लेने के बाद रमेश ध्वाला ने धर्मशाला स्थित तपोवन विधानसभा को सफेद हाथी करार दिया है। धर्मशाला में दूसरी विधानसभा के औचित्य पर सवाल उठाते हुए पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत के दौरान ध्वाला ने कहा कि दूसरी विधानसभा बनाना लोगों की आंख में धूल झोंकना था।
सवाल किया कि साल के 365 दिन में सिर्फ 5-5 दिन खुलने वाली विधानसभा से सरकार और आम जनता का क्या लाभ है। कहा कि विधानसभा के साल में सिर्फ चार दिन दरवाजे खुलते हैं और हर महीने इस विधानसभा पर लाखों रुपये खर्च होते हैं।
उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री इस फिजूलखर्ची पर जरूर अंकुश लगाएंगे। सरकार से मांग की कि वह इस भवन को किसी शिक्षण संस्थान के तौर पर इस्तेमाल करे ताकि लोगों को सीधे तौर पर इस भवन का लाभ मिल सके। वहीं सरकार में पद न मिलने पर उन्होंने कहा कि उन्हें किसी तरह का मलाल नहीं है।
कहा कि वह पिछले चालीस साल से समाज सेवा कर रहे हैं और आगे भी लोगों की ओर से दी गई जिम्मेदारी को बखूबी निभाएंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के लिए कहा कि वह मिलनसार और ईमानदार व्यक्ति है और उन्हें पूरी उम्मीद है कि प्रदेश की सामाजिक समरसता को बनाए रखने के लिए वह सबसे सही व्यक्ति साबित होंगे।