डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को रेप मामले में सीबीआई कोर्ट की ओर से दोषी ठहराए जाने के बाद हुई हिंसा का असर प्रदेश के पर्यटन कारोबार पर पड़ा है। मैदानी इलाकों से सैलानियों का आना बंद हो गया है। होटलों में की गई एडवांस बुकिंग रद्द हो रही है। पिछले पांच दिनों से नई बुकिंग भी नहीं हो रही है।
होटलों में आक्यूपेंसी कम हो गई है। करीब 80 फीसदी कारोबार कम हो गया है। हालत यह है कि ज्यादातर निजी और सरकारी होटल खाली हो गए हैं। होटलों में इस समय ऑक्यूपेंसी 20 फीसदी तक पहुंच गई है। मानसून सीजन के दौरान हिमाचल के लिए पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़ से हजारों की संख्या में पर्यटक घूमने आते हैं। हिंसा के कारण बसें, ट्रेनें बंद हैं इसलिए सैलानी शिमला नहीं पहुंच पा रहे हैं।
शिमला और मनाली जैसे हिल स्टेशन भी सैलानियों के आने का इंतजार कर रहे हैं। हिंसा के कारण एचआरटीसी की बसें पिछले चार दिनों से हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, पठानकोट और दिल्ली नहीं जा पा रही हैं। टैक्सियां और निजी वाहन भी परवाणू तक ही चल रहे हैं। पर्यटक वाहन भी शिमला आने से कतरा रहे हैं।
दो दिनों से कैंसिल हो रही बुकिंग : विजय शर्मा
हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के महाप्रबंधक विजय शर्मा ने बताया कि पिछले दो दिनों में निगम के होटलों में हुई कई एडवांस बुकिंग कैंसिल हो गई है। हिंसा के चलते प्रदेश के बाकी होटलों में भी काम कम हो गया है।
शिमला के एक निजी होटल के मालिक अतुल गौतम ने बताया कि बेहद कम पर्यटक पहुंचे हैं। इनमें भी ज्यादातर वह है जो हिंसा से पहले हिमाचल आए थे। बताया कि होटल में दो-चार कमरे ही बुक हैं। व्यापार मंदा पड़ गया है। मालरोड के कारोबारी अमित कुमार ने बताया कि सैलानियों की संख्या में कमी आई है जिससे सेल गिर गई है।