पीच वैली के नाम से मशहूर हिमाचल के राजगढ़ इलाके में आड़ू का सीजन अंतिम दौर में पहुंच गया है। पिछले साल की अपेक्षा इस साल बागवानों को आड़ू के बेहतर दाम मिले हैं। दिल्ली में उत्तम किस्म के आड़ू के प्रति पेटी 550 से 600 रुपये दाम मिल रहे हैं।
जबकि मध्यम किस्म का आड़ू भी 450 से 500 रुपये तक मिल रहा है। एक पेटी करीब 12 किलो की होती है। सिरमौर जिला आड़ू की पैदावार के लिए मशहूर है। जिले में 2992 हेक्टेयर भूमि पर आड़ू की खेती की जाती है।
वर्ष 2016 में जिले में 6073 मीट्रिक टन उत्पादन हुआ था। जबकि इस साल उत्पादन में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। प्रगतिशील बागवानों सुरेंद्र तोमर, रवि दत्त, विनोद, अनिल, अरुण, सुंदर सिंह व इंद्रपाल ठाकुर ने बताया कि पिछले साल जहां उन्हें पिछेती किस्मों के दाम अधिक मिले थे, वहीं अगेती किस्मों के दाम कम थे।
उन्होंने बताया कि इस बार पैदावार भी पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है और दाम भी बेहतर मिल रहे हैं। बागवानों ने बताया कि अब वह आडू के अतिरिक्त अन्य फलदार पौधों को लगाने को भी तरजीह दे रहे हैं, जिसमें नई किस्मों के सेब, पलम व खुमानी और कीवी इत्यादि प्रमुख हैं।
उधर, उद्यान विभाग के विषय विशेषज्ञ डॉ. उजागर सिंह तोमर ने बताया कि उनके कार्यालय के आधीन राजगढ़, संगड़ाह और सराहां विकास खंड हैं। यहां आडू के बगीचे करीब बारह सौ हेक्टेयर में लगे हैं। पहले यह आठ-नौ सौ हेक्टेयर में ही लगे थे। यानी आड़ू की खेती में इजाफा हो रहा है। इस साल बागवानों को आड़ू के अच्छे दाम मिल रहे हैं।