शिमला। डीडीयू अस्पताल में सोटो की ओर से अंगदान को लेकर जागरूकता शिविर लगाया गया। सोटो ट्रांसप्लांट समन्वयक नरेश कुमार ने रक्तदान करने आए लोगों को अंगदान के लिए प्रेरित किया। इसके बाद पंफलेट बांटकर शपथ पत्र भरने का आग्रह किया। समन्वयक ने बताया कि 18 साल की आयु का व्यक्ति स्वैच्छिक रूप से अपने करीबी रिश्तेदारों को देश के कानून और नियमों के दायरे में रहकर अंगदान कर सकता है। सोटो की वेबसाइट से घर बैठकर कोड स्कैन करके और बीएन आर्गन डोनर विकल्प पर जाकर शपथ पत्र भर सकते हैं। संवाद