शिमला। मूसलाधार बारिश से सतलुज नदी उफान पर है। रविवार को नदी का जल स्तर बढ़ने से चाबा, बालड़ी, सुन्नी और गलू में लोगों ने अपने मकान खाली कर दिए हैं। शिमला और मंडी को जोड़ने वाला पुल सतलुज नदी में जलमगन हो गया है। अब लोगों को वाया सुन्नी या तत्तापानी होकर जाना पड़ेगा।
इस पुल से प्रतिदिन सैकड़ों लोगों की आवाजाही होती थी। गांव कोट, बालड़ी और शाकरा के लोग पुल पार करके चाबा पहुंचते है, यहां से बस लेकर शिमला जाते है। लेकिन इन लोगों को वाया तत्तापानी होकर शिमला, मंडी, करसोग, चुराग पांगणा जाना पड़ेगा। यह पुल दो बार सतलुज नदी के भेंट चढ़ गया है। लोगों ने मुख्यमंत्री से इस पुल का स्थान बदलने की मांग की है। रविवार को ग्राम पंचायत शाकरा के उपप्रधान ललित कुमार ने मौके का निरीक्षण किया और लोगों को नदी के किनारे न जाने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि चाबा पावर हाउस अंग्रेजों को जमाने का बना है। प्रतिदिन पर्यटन यहां आकर इस पावर हाउस के निहारते हैं। इसके बंद होने से बिजली उत्पादन ठप तो रहेगा।