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नए रेल ट्रैक से जुड़ेंगे प्रदेश के तीन शक्तिपीठ, बनेगा 68 किमी लंबा ट्रैक

Sun, 11 Dec 2016 12:02 AM IST
कपिल शर्मा/अमर उजाला, ज्वालामुखी (कांगड़ा)
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हिमाचल में धार्मिक पर्यटन को पंख लगाने के लिए सूबे के तीन शक्तिपीठों को नए रेल ट्रैक से जोड़ा जाएगा। ऊना जिला के अंब-अंदौरा से कांगड़ा वाया नादौन नए ट्रैक का निर्माण होगा। ट्रैक बिछाने को लेकर तैयार मैप को रेलवे ने सार्वजनिक कर दिया है। यह रेल ट्रैक 68 किलोमीटर लंबा होगा। बता दें कि रेलवे की टीम ने यहां पहुंचकर काम शुरू कर दिया है।
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यह टीम इन दिनों ट्रांसपोर्ट सिस्टम, क्षेत्र की जनसंख्या, ऐतिहासिक धरोहरों, शक्तिपीठों, टूरिस्ट ट्रैफिक, एग्रीकल्चर लैंड जैसे बिंदुओं पर सर्वे कर रही है, जिसकी रिपोर्ट मंत्रालय को सौंपी जाएगी। ज्वालामुखी मंदिर अधिकारी डॉ. अशोक पठानिया ने बताया कि रेलवे के

अधिकारियों ने उनसे वर्ष भर आने वाले श्रद्धालुओं की रिपोर्ट मांगी थी, जिसे उन्हें सौंप दिया गया है। उधर, ज्वालामुखी के विधायक संजय रतन ने कहा कि यदि ज्वालामुखी शक्तिपीठ रेलवे ट्रैक से जुड़ता है तो क्षेत्रवासियों के लिए रोजगार के साधन बढ़ेंगे।
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अभी सड़क मार्ग से पहुंचते हैं लाखों श्रद्धालु

उत्तर रेलवे के सीनियर ट्रैफिक मैनेजर रणवीर सिंह ने नए ट्रैक के लिए गाइडलाइन जारी कर सर्वे के लिए टीम भेजी है। गाइडलाइन में बताया गया है कि जल्द से जल्द अंब-अंदौरा से कांगड़ा वाया नादौन 68 किलोमीटर रेलवे ट्रैक का सर्वे करके रिपोर्ट मंत्रालय को सौंपी जाए। सर्वे टीम अब जल्द ही रिपोर्ट सौंपने की तैयारी कर रही है। 

शक्तिपीठों के रेलमार्ग से जुड़ने के बाद देश-दुनिया के लाखों श्रद्धालुओं को सुविधा होगी। श्रद्धालु आसानी से पहुंचकर मां के दर्शन कर सकेंगे। मौजूदा समय में इन्हें सड़क मार्ग से आना पड़ता है। चंडीगढ़ से चिंतपूर्णी मंदिर 165 किलोमीटर, ज्वालामुखी 200 किलोमीटर और बज्रेश्वरी मंदिर 235 किलोमीटर दूरी पर है।
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