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रेल विकास निगम: भानुपल्ली-बिलासपुर-लेह रेललाइन के लिए बिछने लगा ट्रैक

Sun, 15 May 2022 11:50 AM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, श्री नयना देवी जी/बिलासपुर

सार

ट्रैक अभी टनलों के भीतर ही बिछाया जा रहा है। पुलों के निर्माण के बाद पूरा ट्रैक बिछेगा। पहले फेज में 20 किलोमीटर का कार्य भानुपल्ली से नयनादेवी के धरोट तक होना है। इसमें सात टनल बन रही हैं। 
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रेल विकास निगम के अधिकारियों ने टनल का शुभारंभ किया। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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सामरिक महत्व की भानुपल्ली-बिलासपुर-लेह रेललाइन के लिए पहली बार ट्रैक बिछना शुरू हो गया है। पहले चरण में यह ट्रैक नयना देवी के धरोट तक बनेगा। इस मार्ग पर बनी सात टनलों के दोनों छोर मिलाने के बाद  शनिवार को रेल विकास निगम के अधिकारियों ने धरोट के पास टनल नंबर छह में इसका शुभारंभ हुआ। खास बात यह है कि सभी टनलों में गिट्टी रहित (बल्लास्ट लेस) ट्रैक तैयार होगा।  ट्रैक अभी टनलों के भीतर ही बिछाया जा रहा है। पुलों के निर्माण के बाद पूरा ट्रैक बिछेगा। पहले फेज में 20 किलोमीटर का कार्य भानुपल्ली से नयनादेवी के धरोट तक होना है। इसमें सात टनल बन रही हैं। सभी के छोर मिलाए जा चुके हैं और फाइनल लाइनिंग का कार्य शुरू है।

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टनल नंबर छह की फाइनल लाइनिंग पूरी हो चुकी है और रेल विकास निगम ने इसमें ट्रैक बिछाने का कार्य शुरू कर दिया है। इस पूरी परियोजना में 20 टनलों, 24 पुलों और दो वायाडक्ट का निर्माण होना है। मैहला में परियोजना की चार किलोमीटर सबसे लंबी टनल बन रही है। इस टनल के तैयार होने के बाद रेललाइन गोबिंदसागर झील के किनारे तक पहुंच जाएगी। उसके बाद झील के किनारे-किनारे ही इसका निर्माण होगा। धरोट तक के पहले चरण में सभी 20 टनलों की लंबाई करीब 25 किलोमीटर है, जबकि यहां तक ट्रैक की लंबाई 63.1 किलोमीटर है। इसमें बनाए जा रहे दो वायाडक्ट की लंबाई दो किलोमीटर है, जो बिलासपुर शहर के आसपास बनेंगे। वहीं पुलों की लंबाई भी करीब पांच से छह किलोमीटर रहेगी। पहले 20 किलोमीटर में पुलों और टनलों का कार्य पूरा होने के बाद इस परियोजना के पहले फेज में ट्रैक बिछाने का कार्य होगा। परियोजना के दूसरे फेज में भी टनलों और पुलों के टेंडर जारी हो चुके हैं और उनका कार्य भी शुरू हो चुका है। 

कैसे बनता है गिट्टी रहित ट्रैक
ट्रैक में पटरियों के नीचे गिट्टियां नहीं बिछाई जाती हैं। गिट्टी रहित कंकरीट के घोल को खास बल्लास्ट तकनीक से तैयार कर बिछाया जाता है। इससे पटरियां लंबे समय तक कसी रहती हैं। 
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धरोट, थलू में बनेगा प्लेटफार्म
धरोट और थलू में श्री नयना देवी जी मंदिर के लिए रेलवे प्लेटफार्म बनेगा। इससे श्रद्धालु माता के दरबार पहुंचेंगे। चीफ  प्रोजेक्ट मैनेजर राजीव सोनी ने बताया कि पहाड़ों में सुरंगों का निर्माण करना चुनौतीपूर्ण कार्य है, लेकिन जिस तरह से निर्माणाधीन कंपनी ने कार्य किया है, बहुत ही सराहनीय है।

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