कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि गुजरात में कांग्रेस का बेहतर और हिमाचल में कमजोर प्रदर्शन रहा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल में कांग्रेस अपनी कमजोरियों से ही हारी है। यहां कांग्रेस संगठन और राज्य सरकार में तालमेल की कमी भी इसका कारण रहा है।
प्रदेश में कांग्रेस नेता आपस में ही लड़ते रहे और गुटबाजी करते रहे। राहुल ने कहा कि कई मंत्री और विधायक खुद को जनता से ऊपर समझने लगे, ये भी हार का बड़ा कारण रहा है। राहुल गांधी ने चेतावनी दी है कि पार्टी के खिलाफ काम करने वालों को सहन नहीं किया जाएगा।
ऐसे नेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अगली बार के हर चुनाव में केवल उसी को टिकट मिलेगा, जिसकी पब्लिक में पकड़ होगी। राहुल गांधी शुक्रवार को सवेरे करीब साढे़ 11 बजे राजीव भवन शिमला पहुंचे।
अध्यक्ष बनने के बाद हिमाचल का पहला दौरा
अध्यक्ष बनने के बाद राहुल का ये पहला हिमाचल दौरा था। यहां उन्होंने पहले कांग्रेस के प्रत्याशियों की बैठकें लीं। पहली बैठक में शिमला और मंडी संसदीय क्षेत्रों की 34 सीटों पर चर्चा हुई।
दूसरी बैठक में हमीरपुर और कांगड़ा संसदीय क्षेत्रों की अन्य 34 सीटों पर विचार-मंथन किया गया। इन बैठकों में संबंधित जिलों के कांग्रेस अध्यक्ष भी मौजूद रहे।
शाम के वक्त विधानसभा में कांग्रेस के प्रत्याशियों के साथ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों, फ्रंटल संगठनों के अध्यक्षों, ब्लॉक अध्यक्षों आदि की संयुक्त बैठक ली गई। इसमें राहुल गांधी ने संबोधित किया।
जो गलतियां की हैं, उनसे सीख लें
उन्होंने विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के कमजोर प्रदर्शन पर अफसोस जताया और कांग्रेस नेताओं तथा पदाधिकारियों को नसीहत दी कि उन्हें वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए संभलना होगा।
पांच साल बाद के विधानसभा चुनाव के लिए अभी से तैयार होना होगा। जो गलतियां की हैं, उनसे सीख लेनी होगी।
इन बैठकों में कांग्रेस के राज्य प्रभारी सुशील कुमार शिंदे, पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू, पंजाब कांग्रेस की प्रभारी एवं डलहौजी की विधायक आशा कुमारी, पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर, जीएस बाली, सुधीर शर्मा, धनीराम शांडिल समेत कांग्रेस सरकार के पूर्व मंत्री भी मौजूद रहे।