अब स्वास्थ्य अधिकारियों की उपस्थिति में बैच को नष्ट किया जाएगा। इस बैच को बाजार में नहीं उतारा जाता है। बताया जा रहा है कि कंपनी की सप्लाई निजी व सरकारी स्तर पर होती थी। रैबीज वैक्सीन का सैंपल फेल होने की पुष्टि केंद्रीय औषधि प्रयोगशाला की आधिकारिक वेबसाइट पर हुई है। गौरतलब है कि सीडीएल कसाैली ने देश में तैयार और आयात होने वाली सभी प्रकार की वैक्सीन व एंटी सीरम की जांच की जाती है। जांच के बिना किसी वैक्सीन का मानव शरीर पर इस्तेमाल नहीं होता है। यदि कोई वैक्सीन सीडीएल कसाैली में मानकों पर खरी नहीं उतरती तो उसे बाजार में नहीं उतारा जाता है।
पहले स्नेक वेनम एंटी सीरम का सैंपल हुआ था फेल
इससे पहले स्नेक वेनम एंटी सीरम का सैंपल फेल हो गया था। सर्पदंश पर लगाए जाने वाले इस एंटी सीरम को महाराष्ट्र सरकार के हाफकिन बायो फार्मा ने बनाया था। प्रयोगशाला में जांच के दौरान एंटी सीरम में मॉयश्चर (नमी) की मात्रा तीन फीसदी से ज्यादा पाई गई। ये सैंपल भी लॉट रिलीज बैच से जांच के लिए सीडीएल कसौली आया था।
क्या है रैबीज वैक्सीन
रैबीज वैक्सीन पागल जानवरों जैसे कुत्ता, बिल्ली, बंदर, चमगादड़ या किसी अन्य जानवर के काटने या खरोंचने से होने वाले रैबीज वायरल संक्रमण से शरीर की रक्षा करता है। यह शरीर में एंटीबॉडी विकसित करता है, जिससे मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करने वाले घातक वायरस को फैलने से रोकते हैं। अगर वैक्सीन न लगाई जाए तो परिणाम घातक होते हैं।