काली माता मंदिर आईटीबीपी से तरूण्डू के लिए निकाली कलश यात्रा
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी शिमला में जंगलों में लगी आग और बरसात में आई आपदाओं का शिकार हुए जीव जंतुओं और लोगों की मोक्ष के लिए शिव शक्ति धाम मंदिर कमेटी और प्राचीन काली माता मंदिर की ओर से धार्मिक अनुष्ठान शुरू हुआ।
इसमें रोजाना 3 लाख से ज्यादा गायत्री का जाप होगा। मोक्ष प्राप्ति के लिए श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जाएगा। 21 से 28 अक्तूबर तक किए जा रहे आयोजन में जीव-जंतुओं और लोगों की मोक्ष प्राप्ति के लिए 24 लाख गायत्री का जाप होगा। शहर के 14 किलोमीटर दूर तारादेवी के प्राचीन काली माता मंदिर के साथ लगते बडमू देवता तरूण्डू मैदान में आयोजन किया जा रहा है।
सोमवार को काली माता और शिवशक्ति धाम मंदिर आईटीबीपी तारादेवी से तरूण्डू मैदान तक कलश यात्रा निकाली गई। इसमें हर आयु वर्ग के श्रद्धालु शामिल हुए। अनुष्ठान में रोजाना 101 ब्राह्मण गायत्री जाप करेंगे। धार्मिक अनुष्ठान में क्योंथल स्टेट के राज पंडित जितेंद्र शास्त्री की अगुवाई में पुराण पारायण होगा। जितेंद्र शास्त्री श्रीमद्भागवत कथा का अमृतपान करेंगे। मंदिर कमेटी के सदस्यों सुशील शर्मा, सुरेंद्र ठाकुर और ओम प्रकाश ने बताया कि प्रदेश में आपदा और जंगलों में भयंकर आग से असंख्य जीव जंतु मारे गए हैं। बारिश से आई आपदा से मारे गए लोगों की मोक्ष प्राप्ति के लिए यह पुरश्चरण महायाग धार्मिक अनुष्ठान करवाया जा रहा है। कमेटी के सदस्यों ने जनमानस से धार्मिक अनुष्ठान में रोजाना सम्मिलित होने का आह्वान किया है।