तिलक की ओर से आयोजित कबड्डी प्रतियोगिताओं में दर्जन से भी अधिक टीमें भाग लेती थीं। तिलक ने खुद भी स्कूल की कबड्डी प्रतियोगिता में राज्य स्तर तक अपने खेल का प्रदर्शन किया था।
खेलकूद प्रतियोगिता ही नहीं छुट्टी आते ही गाना सुनाते और कहते कि इसकी वीडियो बनानी है। साल 2011 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए तिलक राज युवकों को हमेशा मेहनत करके फौज में जाने को कहते।
सीआरपीएफ में भर्ती होने से पहले तिलक राज ने गांव में ही फोटोग्राफी की दुकान भी की थी। करीब तीन साल तक दुकान करने के बाद वह सेना में भर्ती हुए थे।