कहा कि बर्फबारी के दौरान सड़कें खोलने को स्नोकटर और अन्य जरूरी उपकरण खरीद कर महत्वपूर्ण स्थानों पर रखे जाएंगे। उन्होंने जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को इंडिया डिजास्टर रिसोर्स नेटवर्क में नियमित रूप से प्रवृष्टियां करने के निर्देश दिए।
उपायुक्तों को आपदा प्रबंधन के दौरान दक्षतापूर्ण कार्य करने को ब्लू बुक तैयार करने को कहा। ब्लू बुक में जिलों में आपदा प्रबंधन के लिए की जाने वाली मॉक ड्रिल से प्राप्त जानकारी समय और स्थान के आधार पर प्राप्त अनुभव की तकनीकी जानकारी रहेगी।
कहा कि हिमस्खलन के दौरान आपदा राहत कार्यों के लिए स्नो एंड एवलांच स्टडी एस्टेबलिशमेंट मनाली के माध्यम से त्वरित प्रतिक्रिया दलाें को प्रशिक्षण दिया जाएगा। राहत देने के लिए जिलों में समुचित धन उपलब्ध करवाया है।
प्रधान सचिव ओंकार शर्मा ने उपायुक्तों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना और प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए।
निदेशक और विशेष सचिव राजस्व आपदा प्रबंधन डीसी राणा ने आपदा प्रबंधन व राहत कार्यों की जानकारी दी। इस दौरान विशेष सचिव कृषि व सुभाष पालेकर प्राकृतिक कृषि के परियोजना अधिकारी राकेश कंवर, जनजातीय विकास के अतिरिक्त आयुक्त सीपी वर्मा भी उपस्थित रहे।