हिमाचल में अब कोई भी उपभोक्ता दूसरे के राशनकार्ड पर सस्ता राशन नहीं ले सकेगा। डिपो में सस्ती खाद्य सामग्री सिर्फ उसी व्यक्ति को मिलेगी जिसका डिजिटल कार्ड पर नाम अंकित हुआ होगा। डिपुओं में स्थापित की जा रही पॉश मशीनों में सरकार ने यह व्यवस्था की है। उपभोक्ता को डिपो से तीन महीने के भीतर राशन का कोटा उठाना होगा।
अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो यह राशन भी लैप्स माना जाएगा। प्रदेश सरकार ने इसके लिए योजना तैयार कर ली है। सप्ताह के भीतर इसकी अधिसूचना जारी हो जाएगी। हिमाचल में अभी राशन का कोटा लैप्स नहीं होता था। मैन्युअली राशनकार्ड में अगर कोटे के राशन की एंट्री नहीं होती है तो उपभोक्ता 5 महीने और इसके बाद भी राशन का कोटा ले सकता था। अब ऐसा नहीं होगा।
खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता मामले विभाग का कहना है कि उपभोक्ताओं को डिजिटल राशनकार्ड बांट दिए गए हैं। इन्हें आधार के साथ जोड़ा गया है। उपभोक्ता जब राशन लेने आएंगे, डिपुओं में स्थापित मशीनों में उसका फिंगर प्रिंट लिया जाएगा। उसके बाद ही राशन का आवंटन होगा। ऐसे में दूसरे व्यक्ति के राशन लेने का सवाल ही पैदा नहीं होगा।
सेटअप स्थापित होने के बाद होगी यह व्यवस्था
खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव तरुण कपूर ने बताया कि अभी डिपुओं में सेटअप यानी पॉश मशीनें स्थापित करने की प्रक्रिया चली हुई है। अभी उपभोक्ता डिपो में पहले की तरह राशन ले सकते हैं। तीन चार महीने के भीतर राशन लेने की व्यवस्था में बदलाव होगा।