पुलिस मुख्यालय से भले ही मंत्रियों और विधायकों की सुरक्षा के लिए लगाए गए पीएसओ को हटाने के निर्देश जारी किए गए हों। लेकिन अभी भी यह पीएसओ नेताओं के साथ ड्यूटी दे रहे हैं।
आचार संहिता लागू होते ही प्रदेश पुलिस ने मंत्रियों व विधायकों को दिए पीएसओ हटाने के निर्देश दिए थे। सभी के पीएसओ विड्रा भी कर गए थे। जब मंत्रियों और विधायकों ने इसका विरोध किया तो पुलिस ने अपना फैसला सुरक्षित रखा। लेकिन फोन पर सभी पीएसओ को मंत्रियों और विधायकों के साथ ड्यूटी पर लगा दिया।
इसमें तर्क दिया गया कि चुनाव के चलते मंत्री और विधायक लोगों की भीड़ में रहते हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह मनोज कुमार ने माना कि मंत्रियों और विधायकों की मांग पर पीएसओ फि र से ड्यूटी पर लगा दिए हैं। सुरक्षा बैठक में इन्हें विड्रा करने का फैसला लिया था।