कौशल विकास निगम के तहत परिवहन निगम में तैनात प्रशिक्षु कंडक्टर एसोसिएशन ने सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया। परिचालकों ने सरकार से परिचालक (टीएमपीए) के 1300 पदों पर ली गई परीक्षा को रद्द करने और प्रशिक्षु कंडक्टर के लिए ठोस नीति बनाने का मांग की।
आरोप लगाया कि जिस समय यह लिखित परीक्षा ली गई, ठोस नीति की आस में उस समय प्रशिक्षु कंडक्टर बसों में सेवाएं दे रहे थे। वे परीक्षा में भाग नहीं ले सके। उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को भी मांगपत्र सौंपा है। यह मामला कोर्ट में भी विचाराधीन है।
एसोसिएशन के पदाधिकारी नरेश कुमार पठानिया ने बताया कि एचआरटीसी में कंडक्टरों के पद रिक्त चल रहे थे तो उस समय प्रशिक्षु कंडक्टरों ने सेवाएं देकर बसें चलाईं। सुबह से शाम तक प्रशिक्षु कंडक्टर बसों में सेवाएं देते रहे।
निगम प्रबंधन की ओर से भी पूर्व में प्रशिक्षु कंडक्टरों को आश्वस्त किया गया कि उनके लिए पॉलिसी लाई जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। अब प्रशिक्षु कंडक्टरों का भविष्य अंधकार में है।
भर्ती में चहेतों को दिया फायदा
उन्होंने कहा कि कंडक्टर भर्ती मामले में एक ही परीक्षा केंद्र के लाइन वाइज अभ्यर्थी उत्तीर्ण हुए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि इस मामले की जांच हो, ताकि सच्चाई लोगों के सामने आ सके।