टॉवर लाइन शोषित जागरूकता मंच ने विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया। इसमें बिलासपुर, मंडी, कुल्लू और सोलन के प्रभावित शामिल हुए।
प्रभावितों ने सरकार से एक निजी टॉवर लाइन कंपनी के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग की। कहा कि अगर सरकार ने जल्द सीबीआई जांच करवाने का फैसला नहीं लिया तो मंच के प्रभावित किसान आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे।
प्रदेश संयोजक रजनीश शर्मा ने बताया कि निजी कंपनी ने बिजली नियमों को ताक पर रखकर बिना सरकारी विभागों की स्वीकृति के कुल्लू से लुधियाना तक टॉवर लाइन का निर्माण किया है।
गैरकानूनी तरीके से हुए मामले को सरकार गंभीरता से नहीं ले रही है। कंपनी ने किसानों के घरों, दुकानों तथा मवेशीखानों के ऊपर से टॉवर लाइन को निकाला है।
कृषि, बागवानी और वन विभाग की इजाजत के बिना इस कार्य की एवज में मुआवजा भी चार जिलों के हजारों किसानों को नहीं मिला है। उन्होंने कंपनी पर करोड़ों के हेरफेर का आरोप लगाया।
उन्होंने किसानों के फर्जी खातों में पैसा डालने का आरोप लगाते हुए कहा कि असल में लोगों को भूमि का कोई पैसा सरकारी आदेशों के तहत नहीं दिया गया है।
न ही कोई दस्तावेज कंपनी के अधिकारियों ने चारों जिलों के जिलाधीशों के पास जमा करवाए हैं। मंडी और बिलासपुर में मजिस्ट्रेट जांच में भी कंपनी की अनियमितताएं सामने आई हैं।
इसी टॉवर लाइन से बिलासपुर के धौणकोठी गांव में कुछ समय पहले तीन बार धमाके होने से पूरा गांव इसकी चपेट में आ गया था।
इसकी जांच करवाने पर टॉवर लाइन में खामियां पाई गई थीं। निजी कंपनी पर बिलासपुर में चार आपराधिक मामले और एक मंडी के गोहर में दर्ज है।
मंच के कानूनी सलाहकार अजय नड्डा ने कहा कि इस मामले की सीबीआई से जांच करवाई जानी चाहिए।
विधानसभा के बाहर रैली निकालने वालों में चमन शर्मा, अमित जोशी, विकास कुमार, ईशान मैहता, खूब राम सोनी, सदानंद, तुलसी राम, पंछी राम, राजेश ठाकुर, होशियार सिंह, राकेश चौहान, देश राज, हैरी, बाबू राम ठाकुर, हरि सिंह ठाकुर, नागेंद्र प्रसाद आदि मौजूद रहे।