राजकीय अध्यापक संघ के बैनर तले शनिवार को प्रदेश विधानसभा के बाहर सैकड़ों शिक्षकों ने अफसरशाही की सद्बुद्धि के लिए यज्ञ किया। विरोध प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को सरकार की घोषणाओं की याद दिलाई। बताया गया कि मुख्यमंत्री की ओर से दिसंबर 2016 में ज्वालाजी में संघ के कार्यक्रम में कई घोषणाएं की गई थी लेकिन छह महीने बाद भी इन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
शिक्षकों ने कहा कि शिक्षा और वित्त विभाग की कार्यप्रणाली के चलते सरकार की छवि खराब हो रही है। अगर सरकार ने समय से शिक्षकों के 21 सूत्रीय मांगपत्र को लेकर सकारात्मक फैसला नहीं लिया तो आंदोलन को उग्र किया जाएगा। शनिवार सुबह दस बजे से विधानसभा के पास अंबेडकर चौक में प्रदेश भर से आए शिक्षक जुटना शुरू हो गए।
साढ़े 11 बजे बाबा भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के आगे शिक्षकों ने हवन कुंड बनाकर वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ सद्बुद्धि यज्ञ किया। सभी शिक्षकों ने एक-एक कर यज्ञ में आहुतियां डालीं। इसके बाद रैली निकालते हुए शिक्षक विधानसभा परिसर के बाहर पहुंचे। पुलिस की ओर से सड़क पर बेरिकेड्स लगने के चलते शिक्षकों को कैनेडी हाउस के पास ही रुकना पड़ा।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने कहा कि अफसरशाही की सद्बुद्धि के लिए यज्ञ किया गया है। भगवान से प्रार्थना की गई कि जिन शिक्षकों से पढ़कर आज उच्च पदों पर बैठे अफसर मनमाने फैसले लेते हुए शिक्षकों की अनदेखी कर रहे हैं, उन्हें सद्बुद्धि आनी चाहिए।
संघ के महासचिव नरेश महाजन ने कहा कि अब अपने हकों के लिए शिक्षक जागरूक हो गए हैं। संघ के प्रवक्ता कैलाश ठाकुर ने कहा कि अब निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी। उधर, शिक्षकों के प्रदर्शन के मद्देनजर विधानसभा के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
12 जून से जिलों में सद्बुद्धि यज्ञ
शिमला। राजकीय अध्यापक संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने बताया कि आने वाले दिनों में भी अगर सरकार ने मांगों को लेकर कोई सुनवाई नहीं की तो 12 जून से प्रदेश से जिलों में सद्बुद्धि यज्ञ किए जाएंगे।
12 जून को कुल्लू, 24 जून को कांगड़ा, तीन जुलाई को सोलन, 15 जुलाई को मंडी, 24 जुलाई को ऊना, पांच अगस्त को चंबा, 14 अगस्त को बिलासपुर, 26 अगस्त को शिमला, चार सितंबर को शिमला, 16 सितंबर को हमीरपुर, 25 सितंबर को किन्नौर और सात अक्तूबर को लाहौल-स्पीति में सद्बुद्धि यज्ञ किए जाएंगे।
इसके बाद भी अगर सरकार नहीं जागी तो 14 अक्तूबर को हमीरपुर में संघ की आम सभा में आगामी फैसला लिया जाएगा। इसके तहत सचिवालय का घेराव और आमरण अनशन शुरू करने का फैसला लिया जाएगा।
जूते पहनकर ही आहुति देते रहे गुरू जी
स्कूलों में बच्चों को संस्कृति और संस्कारों की शिक्षा देने वाले गुरु जी शनिवार को खुद संस्कारों को भुला बैठे। अंबेदकर चौक में सद्बुद्धि यज्ञ के दौरान शिक्षकों ने जूते पहनकर ही यज्ञ में आहुतियां दी। हालांकि यज्ञ करने वाले शास्त्रियों ने संस्कारों का परिचय देते हुए जूते खोलकर और धोती पहनकर यज्ञ किया।
शनिवार की हाजिरी की होगी पड़ताल
शिक्षा निदेशालय ने शिक्षकों की शनिवार की हाजिरी की समीक्षा करने का फैसला लिया है। निदेशालय के अधिकारियों ने बताया है कि सभी स्कूलों से रिकार्ड मांगा जाएगा। कितने शिक्षक शनिवार को स्कूलों में थे और कितने अनुपस्थित इसका रिकार्ड जिलों से मांगा जाएगा। जो शिक्षक गैर हाजिर थे, उन्होंने छुट्टी ली थी या नहीं। इसको जांचा जाएगा।