केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान शिमला में केंद्रीय संयुक्त कर्मचारी परिषद के आह्वान पर तकनीकी वर्ग, प्रशासनिक वर्ग और कुशल सहायक कर्मचारी वर्ग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
यह प्रदर्शन शुक्रवार को भी होगा। केंद्रीय संयुक्त कर्मचारी परिषद के सदस्य नरेश शर्मा और एक अन्य पदाधिकारी अश्वनी गुप्ता ने कहा कि कि अगर विरोध प्रदर्शन के बाद भी मांगें नहीं मानी गई तो भविष्य में संघर्ष को और तेज किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पिछले लगभग तीन साल से भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की ओर से कर्मचारियों और अधिकारियों की मांगों पर गौर नहीं किया गया। इसमें प्रशासनिक वर्ग के कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए केंद्रीय कैबिनेट 1997 के निर्णय का पूर्ण अनुपालन नहीं किया गया।
प्रशासनिक वर्ग के कर्मचारियों और अधिकारियों के कैडर रिव्यू में परिषद की ओर से विलंब किया जाता रहा। परिषद की पुरानी तकनीकी सेवा नियमावली और नवीन सेवा नियमावली में प्रस्तुत अस्पष्ट नियमों से उत्पन्न विसंगतियों का निराकरण नहीं किया गया।
परिषद मुख्यालय और परिषद के 108 संस्थानों और 625 केवीके में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पदोन्नति में लाभ देने के लिए प्रस्तावित कैडर रिव्यू में विलंब किया गया।
परिषद के संस्थानों में 1993 और 1985 से कार्यरत टीएससीएल और डीपीएल के कर्मचारियों को स्थायी पद नहीं दिया गया। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद में कार्यरत कर्मचारियों को पिछले तीन वर्षों से बोनस नहीं दिया गया। परिषद में समान स्थानांतरण नीति नहीं लाई गई।