डाॅक्टरों के तबादलों में राजनीतिक हस्तक्षेप न करें विधायक : शांडिल
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल ने विधायकों से डाॅक्टरों के तबादलों के मामले में राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं करने का आग्रह किया है। मंत्री ने कहा कि मानवीय आधार पर इस क्षेत्र को छोड़ दें। मरीजाें को इस कारण उपचार नहीं मिल पा रहा है। विधायक मलेंद्र राजन ने इंदौरा और गंगथ में स्टाफ की कमी का मामला उठाते हुए कहा कि स्वास्थ्य मंत्री ने गंगथ और इंदौरा के लिए दो डाक्टर भेजे थे लेकिन उन्होंने पद ग्रहण ही नहीं किया। इस कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शांडिल ने सदन में चिकित्सकों की नियुक्ति के मामले में आ रहे राजनीतिक हस्तक्षेप का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि कभी-कभी मानवीय आधार पर बातों को सुनना चाहिए, मगर इतना भी नहीं सुनना चाहिए कि चिकित्सक ही अस्पताल छोड़कर चले जाएं। मालूम नहीं वे कहां-कहां चले जाते हैं और किन-किन के पांव छूते हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि विधायकों से दबाव बनाकर डाॅक्टर अपने तबादले रद्द करवा लेते हैं। ऐसे मामलों में विधायक को अधिक सहयोग नहीं करना चाहिए। उधर, डलहौजी के विधायक डीएस ठाकुर ने सलूणी, किहार के अस्पतालाें में रिक्तियों को भरने का मामला उठाया। मंत्री ने कहा कि वे वह व्यक्तिगत तौर पर इन क्षेत्रों का दौरा करेंगे।
अटल आदर्श विद्यालयों का निर्माण जल्द : रोहित
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में निर्माणाधीन तीन अटल आदर्श विद्यालयों का निर्माण जल्द पूरा किया जाएगा। विधायक विनोद कुमार के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि पूर्व सरकार ने प्रदेश में 28 अटल विद्यालय खोलने की प्रशासनिक मंजूरी प्रदान की लेकिन इनमें से तीन पर ही काम शुरू किया। मंडी के धर्मपुर में निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। नाचन में 65 फीसदी काम और कुटलैहड़ में 25 फीसदी काम पूरा किया जा चुका है। धन के अभाव के चलते काम धीमा चल रहा है। केंद्र सरकार से अतिरिक्त बजट की मांग की गई है। धन उपलब्ध होते ही निर्माण के लिए जारी कर दिया जाएगा।
गिफ्ट डीड से जमीन नहीं मिलेगी, वहां सड़कें बनाना मुश्किल : विक्रमादित्य
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश के जिन गांवों में गिफ्ट डीड से जमीन नहीं मिलेगी, वहां सड़कें बनाना मुश्किल हाेगा। उन्होंने सभी विधायकों से आग्र्रह किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में ग्रामीण से सहयोग करने के लिए कहें। पूरे प्रदेश में एफसीए के मामलों को एकत्र किया जा रहा है। उपायुक्तों की अध्यक्षता में इसके लिए कमेटी बनाई गई है। विधायक हंसराज के सवाल का जवाब देते हुए मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि आप प्रभावशाली हैं, ऐसे में सड़क बनवाने के लिए गिफ्ट डीड करवाने में मदद करें। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि विभाग के नाम जमीन होने पर ही सड़क निर्माण हो सकेंगे।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से उठाया जाएगा लियो बाइपास का मामला
मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि लियो बाइपास सड़क को सीमा सड़क संगठन को स्थानांतरित करने के लिए जनवरी 2024 को सहमति प्रदान कर दी गई है। अधिशासी अभियंता काजा मंडल ने फरवरी और नवंबर 2024 में सीमा सड़क संगठन को इस सड़क को उनके अधीन लेने के लिए आग्रह किया गया है लेकिन इस मामले में अभी तक सीमा सड़क संगठन की औपचारिक सहमति अपेक्षित है। विधायक अनुराधा राणा की ओर से उठाए गए सवाल का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि जल्द ही वे दिल्ली जाकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के समक्ष इस मामले को उठाएंगे।
केंद्र से दो साल में 8447.92 करोड़ रुपये की मदद मिली
हिमाचल प्रदेश में पिछले दो वर्षों में केंद्र सरकार से 8447.92 करोड़ रुपये की मदद आई। यह मदद प्रदेश में संचालित विभिन्न योजनाओं के लिए आई। बिलासपुर के भाजपा विधायक त्रिलोक जम्वाल के सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की ओर से सदन के पटल पर रखी गई। पुलिस विभाग के लिए पुलिस जिला कार्यकारी बल को 168.13 लाख, निर्भया फंड में महिला हेल्प डेस्क 0.15 लाख, सुरक्षा संबंधी व्यय पर 406.43 लाख, पुलिस बलों का आधुनिकीकरण को 454.95 लाख रुपये मदद आई। शहरी विकास विभाग में शहरी विकास स्मार्ट सिटी मिशन के लिए 19850.00 लाख, अटल मिशन के तहत छावनी बोर्डों को सहायता कायाकल्प और शहरी परिवर्तन (अमृत) के लिए 10420.43 लाख, प्रधानमंत्री आवास योजना-सभी के लिए आवास (शहरी) 2761.17 लाख और दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (डीएवाईएनयूएलएम) में 887.10 लाख रुपये की मदद आई। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में अल्पसंख्यक विकास निगम को सहायता अनुदान 359.95, प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएमएजेएवाई) 202.29, अत्याचार के पीड़ितों को मुआवजा 301.97, नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम 12.00, अंतरजातीय विवाह को 460.00, अल्पसंख्यकों के लिए बहुक्षेत्रीय विकास कार्यक्रम को 500.00, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को 871.99, वृद्धावस्था पेंशन यानी इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना को 4110.10 लाख, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना 669.00, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विकलांग पेंशन योजना 50.47, शराबखोरी और नशीली दवाओं के दुरुपयोग की रोकथाम पर नीति के लिए 245.55, परिवार सहायता के लिए 312.20, मिशन वात्सल्य के में गैर-संस्थागत देखभाल-प्रायोजन, पालक देखभाल, बाद की देखभाल के लिए 293.31, राष्ट्रीय परिवार लाभ कार्यक्रम को 115.60, सरकारी स्वामित्व वाली विभागीय इमारतों का रखरखाव करने को 5.78 और इमारतों का निर्माण के लिए 972.86 करोड़ रुपये जारी किए।
शिक्षा विभाग नहीं खर्च सका 64.37 करोड़ रुपये : सुधीर
धर्मशाला से भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने कहा कि शिक्षा विभाग साल 2023-24 के दौरान 64.37 करोड़ रुपये का बजट खर्च नहीं कर सका। इस वित्तीय वर्ष में प्रदेश को केंद्र सरकार से 485.97 करोड़ जारी हुए थे। इसमें से 421.60 करोड़ रुपये ही खर्च हुए। इस पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि चालू वित्त वर्ष के दौरान शिक्षा विभाग ने पूरा बजट खर्च किया है। कई कारणों के चलते बीते वर्ष बजट लैप्स हो गया। उन्होंने कहा कि पूर्व के वर्षों के मुकाबले इस बार अधिक बजट खर्च किया गया है।