हिमाचल में सेब ढुलाई को बहरी राज्यों के लिए बड़े ट्रक नहीं मिलने से बागवानों के लिए परेशानी खड़ी हो गई है। इन दिनों प्रदेश के मध्यम और ऊंचाई वाले इलाकों में सेब तुड़ान में तेजी आई है और मंडियों तक नकदी फसल समय पर पहुंचाने में संकट खड़ा हो गया है। पिछले करीब पांच दिन से सेब ढुलाई के लिए जरूरत के अनुसार ट्रक नहीं मिल रहे। बागवानों का कहना है कि जिला शिमला सहित अन्य जिलों के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सेब तुड़ान जोरों पर है और बाहरी राज्यों में सेब ढुलाई के लिए बड़े ट्रक नहीं मिल रहे हैं।
ट्रक यूनियनों के पास ट्रकों की मांग आ रही है और ट्रक मालिक दूसरे राज्यों में जाने से कतराने लगे हैं। यह समस्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। ट्रक मालिकों का कहना है कि ट्रकों में सेब पेटी के हिसाब करे बिना वजन किए भरे जाते हैं और तब हरियाणा में ट्रकों के सेब की तुलाई की जाती है तो ओवर लोडिंग का जुर्माना किया जाता है। ट्रक मालिक प्रदेश सरकार से यह मामला हरियाणा सरकार से उठाकर मसला सुलझाने की मांग कर रहे हैं। कोटखाई ट्रक ऑपरेटर यूनियन के अध्यक्ष प्रताप चौहान कहते हैं कि बागवान बाहरी राज्यों के लिए बड़े ट्रकों की मांग कर रहे हैं।
यूनियन में बड़े ट्रकों की मांग के अनुसार गाड़ियां नहीं मिल रही हैं। ट्रकों को सेब का भाड़ा पेटी के हिसाब से मिलता है। बीस किलो की पेटी में 30 किलो सेब भरा होता है। हरियाणा में ट्रकों के सेब का वजन 20 क्विंटल तक अधिक निकलता है। ट्रक मालिकों को 25 हजार तक का जुर्माना किया जा रहा है। इस कारण से बड़े ट्क हरियाणा होकर जाने से मना कर रहे हैं। उनका कहना है कि प्रदेश सरकार सेब सीजन में 15-20 क्विंटल तक सेब ढुलाई में छूट देने का मामला हरियाणा सरकार से उठाए।
हरियाणा में लग रहा 25,000 तक जुर्माना
ट्रक मालिकों का कहना है कि जो ट्रक हिमाचल से सेब की पेटियां भरकर बाहरी राज्यों में हरियाणा से होकर जा रहे हैं। उनका वजन किया जा रहा है। सेब की पेटी में 25 से 30 किलो सेब भरा होता है। ट्रक मालिक को बीस किलो की पेटी के हिसाब से ट्रक भाड़ा दिया जाता है। जब हरियाणा में सेब तोला जाता है तो 12 से 15 क्विंटल का ओवर लोड निकल रहा है। ट्रक मालिकों को 25,000 तक का जुर्माना किया जा रहा है।
थाने के बाहर खड़े ट्रकों में पक जा रहा सेब
सेब लेकर जाने वाले ट्रकों को ओवर लोडिंग के कारण जुर्माना चुकाने तक थानों के बाहर खड़ा किया जाता है। अगर दो दिन भी सेब से भरा ट्रक रास्ते में खड़ा होता है तो सेब अधिक पक जाता है। ऐसे सेब के दाम मंडियों में काफी कम मिलते हैं। इससे दो लाख का नुकसान एक ट्रक सेब में रहा है।