पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं में हुई गड़बड़ियों की प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि कुछ निजी शिक्षण संस्थानों ने छात्रों की फर्जी एडमिशन दिखाकर सरकार को चूना लगाया है। एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के विद्यार्थियों के कोटे की निजी संस्थानों में खाली रहने वाली सीटों पर फर्जी प्रवेश दिखाकर केंद्र और राज्य सरकारों से धोखाधड़ी की गई है।
मामले की जांच को गठित कमेटी ने ऐसे कई संस्थानों के नामों की सूची तैयार कर दी है, जो बीते कई सालों से फर्जी एडमिशन दिखाते आए हैं। शिक्षा विभाग के सूत्रों के मुताबिक कुछ ऐसे विद्यार्थियों से जांच कमेटी का संपर्क हो गया है, जिनकी जानकारी के बिना शिक्षण संस्थान ही छात्रवृत्ति राशि प्राप्त कर रहे हैं।
ऐसे विद्यार्थियों से मिलने जल्द जांच कमेटी के कुछ सदस्य जिलों में जाएंगे। निजी शिक्षण संस्थानों का भी रिकॉर्ड खंगाला जाएगा। विभागीय सूत्रों के मुताबिक इस मामले में बड़ा घोटाला होने की आशंका है। जल्द तथ्यों के साथ धोखाधड़ी करने वाले संस्थानों के नाम सरकार को सौंपे जाएंगे।
बड़े स्तर पर घोटाला होने के आशंका के चलते किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी से भी मामले की जांच करवाने की सिफारिश हो सकती है। शिक्षा सचिव डॉ. अरुण कुमार शर्मा ने बताया कि फर्जी छात्रों का दाखिला दिखाकर छात्रवृत्ति के लिए आवेदन कर सरकारी धनराशि लेने की बात सामने आई है। मामले की गहनता से जांच चल रही है। पुख्ता सुबूत हाथ लगते ही दोषी संस्थानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।