हिमाचल के कुल्लू जिले में हुए दर्दनाक बस हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है। उन्होंने हादसे में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। पीएमओ की ओर से जारी ट्वीट में कहा गया कि हिमाचल सरकार हर संभव सहायता प्रदान कर रही है। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी ट्वीट कर बस हादसे पर दुख जताया और क्षेत्र के पार्टी कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे पीड़ितों की मदद करें।
वहीं राज्यपाल आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी बस दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने जिला प्रशासन से दुर्घटना में घायल यात्रियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए आधिकारिक जांच के आदेश दिए गए हैं।
परिवहन मंत्री ने जांच के दिए आदेश
परिवहन मंत्री ने जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस के अनुसार खटारा हो चुकी महावीर कोच बस (एचपी 65-7065) ओवरलोड होकर बंजार से गाड़ागुशैणी की तरफ जा रही थी। बस जैसे ही बंजार से करीब एक किलोमीटर आगे तीखे बयोठ मोड़ के पास पहुंची तो अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी।
सड़क से गिरते ही बस पहाड़ी से जा टकराई, जिससे उसके दो हिस्से हो गए। मृतकों में बंजार से एक अखबार के पत्रकार मोहन लाल और उनकी बेटी भी हैं, जबकि दूसरी बेटी की हालत गंभीर है।
सड़क के किनारों पर न कोई पैरापिट थे और न ही कोई क्रैश बैरियर। सूचना के बाद पुलिस और आसपास के ग्रामीण घटना स्थल पर देवदूत बनकर पहुंचे। पूरे जिले से एंबुलेंस भेजी गईं।
लोगों ने सबसे पहले हादसे में घायल हुए लोगों को बाहर निकाला। पहाड़ी पर फंसे कई घायलों को रस्सी के सहारे खड्ड में उतारा और बाद में लोगों ने पीठ पर उठाकर तार स्पैन (रस्सी का झूला) से सड़क तक पहुंचाया।
यहां से 108 एबुंलेंस से घायलों को बंजार अस्पताल लाया गया। जिले की सभी एंबुलेंस घायलों को लाने में लगा दी गईं। इसके बाद हादसे में मृतकों को बाहर निकाला गया, जिनमें कई शव क्षत-विक्षत होकर खाई और पहाड़ी की ढलान पर झाड़ियों में बिखरे हुए थे।
एसडीएम बंजार एमआर भारद्वाज ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही बचाव कार्य शुरू कर दिया गया था। उपायुक्त कुल्लू भी पूरे प्रशासनिक अमले के साथ मौके पर पहुंचीं।
प्रशासन ने मृतकों के परिजनों और घायलों को फौरी राहत प्रदान की है। बस के खाई में लुढ़कने से पहले ही बस चालक ने ऐन मौके पर बस से छलांग लगा दी थी। चालक का अभी तक कोई अता-पता नहीं चल पाया है।
पुष्पा देवी (25) निवासी भूमिया, बिशन सिंह (42) छुनार, आदित्य शर्मा (22) पेडचा
मीना देवी (28) धार
चांदनी (20) तहसील बालीचौकी
चरन सिंह (54) गडशाउ
डोला सिंह (56) पौड़ी
खजान सिंह (75) बाहू
दिजेंद्र (26) पेडचा
चंपा (26) गाड़ागुशैणी
कंडक्टर छोटू
यशपाल (36) मोहनी
सेस राम (80) मोहनी
पूर्ण चंद (24) थववाडी
कांता (20) बाहू
रमेश चंद (20) मोहनी
दुर्गा देवी (38) बछूट
पन्नू देवी (62)
मोहन लाल (46) सूमतांदी
जाह्नवी (10) सूमतांदी
शांगरी देवी (75) गुशैणी
रीत राम (45) विगर
खीम सिंह (60) गाड़ागुशैणी, गीता देवी (20) वीहांवा, यमुना देवी धार तांदी, दीना नाथ (60) ददभास, दिनेश भूमिया (4), सेस राम (61) ढियों, पन्ना लाल पुजाली, रीता देवी बाहू, कुसुमलता (30) बछूट, धनेश्वरी बछूट सहित 44 मृतक शामिल हैं।
9 अप्रैल 2018 : नूरपुर में खाई में गिरी स्कूल बस, 23 बच्चों समेत 27 की मौत
20 अप्रैल, 2017 : यात्रियों से भरी उत्तराखंड की ओवरलोड निजी बस शिमला के गुम्मा में खाई में गिरी, 45 की मौत
5 नवंबर, 2016 : मंडी के बिंद्रावणी में ब्यास में गिरी बस, 17 की मौत और 26 घायल
20 मई, 2016 : चंबा में बस हादसे में 14 मरे, 31 घायल
23 जुलाई, 2015 : कुल्लू में पार्वती नदी में गिरी बस, 31 लोग बहे
21 अगस्त, 2014 : किन्नौर के रुतरंग में बास्पा नदी में गिरी बस 23 की मौत, 20 घायल
27 सितंबर, 2013 : रेणुका में ददाहू-टिक्कर संपर्क मार्ग पर निजी बस गहरी खाई में गिरी। बस सवार सभी 21 लोगों की मौत
8 मई, 2013 : मंडी के झीड़ी में जोगणी माता मंदिर के पास ब्यास नदी में समाई बस, 40 मरे
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