शिमला के एक पुजारी के चर्चें इन दिनों जोरों पर है। किताबों के प्यार में पुजारी ने काम कर डाला कि हर कोई अब इसे सलाम कर रहा है। पुस्तक प्रेम का इससे अनूठा उदाहरण और क्या हो सकता है कि तारा देवी स्थित सृष्टि माता मंदिर के मुख्य ठाकुर ने लेखक एसआर हरनोट की हाल ही में प्रकाशित पुस्तक ‘हिमाचल प्रदेश : मंदिर और लोक श्रुतियां’ की 250 प्रतियां आभी प्रकाशन से पूरे मूल्य पर खरीद कर अपनी कार नंबर एचपी-14-7034 बेच कर शिमला और सोलन जिलों के 26 हायर सेकेंडरी स्कूलों और अनेक सरकारी पुस्तकालयों में चार-चार प्रतियां भेंट कर दीं।
लेखक एसआर हरनोट ने दी। खुद रमेश ठाकुर ने भी इस सूचना की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि उनकी कार 2000 के मॉडल की थी। इसे 80 हजार रुपये में बेचा गया। हरनोट ने कहा कि इसे रमेश ठाकुर का पुस्तक प्रेम या अपने इतिहास, परंपरा और देव संस्कृति के प्रति गहन आस्था या पुस्तकों के लिए गहरी सनक ही कहा जाएगा कि इतने मूल्यों की पुस्तकों के लिए उन्होंने किसी प्रकार की छूट लेने से भी मना कर दिया।
उनका मानना है कि इंटरनेट के इस जमाने में बच्चों में पुस्तक प्रेम को बढ़ाना, अपनी संस्कृति और इतिहास को जानना बहुत जरूरी है। इससे पुस्तक लेखक और प्रकाशक को भी प्रोत्साहन मिलता है। यह पुस्तक छह महीने पूर्व शिमला स्थित आभी प्रकाशन ने प्रकाशित की थी, जिसका मूल्य प्रति पुस्तक 400 रुपये है।
पुस्तक में जहां लेखक ने अपनी लंबी भूमिका में देव संस्कृति में व्याप्त कई अंधविश्वासों और कुरीतियों का विरोध और खंडन किया है। वहीं, हिमाचल प्रदेश के इतिहास और मंदिर कला-शैलियों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला है। चार जिलों के पूजित देवी-देवताओं से जुड़ी लोक कथाओं, मंदिरों और जिलों के इतिहास के साथ इन जगहों पर कैसे जाएं और कहां ठहरें आदि की भी पूर्ण जानकारी पुस्तक में दी गई है।