राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि 26 जनवरी को राष्ट्रपति भवन में अधिकारियों ने उनके सामने एक बात रखी कि वह किस राज्य की वेशभूषा को प्रतीकात्मक रूप से अपनाना चाहते हैं।
उस समय उन्होंने हिमाचल का ही चयन किया। कोविंद बोेले - 1974 में मैं पहली बार हिमाचल प्रवास पर आया था। उस समय कुल्लू-मनाली पहुंचा था। आज भी वहां की स्मृतियां ताजा होती हैं।
जिस तरह से विकास कार्य हिमाचल में हुए हैं, उससे ये राज्य रोल मॉडल बनकर उभरा है। कृषि, बागवानी और पर्यटन में हिमाचल प्रदेश ने सराहनीय कार्य किए हैं। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने रोहतांग सुरंग को शुरू किया।
इसके खुलने से प्रदेश को बहुत लाभ होगा। प्रदेश कार्बन न्यूट्रल होने की दिशा में अग्रसर है। ये पॉलिथीन मुक्त हो चुका है। इसे खुले में शौच मुक्त घोषित किया गया है।
राष्ट्रपति ने कहा कि हिमाचल का भारत की संस्कृति में प्राचीन महत्व है। भारत के प्राचीन ग्रंथ माने जाने वाले ऋग्वेद में हिमाचल से जुडे़ कई उल्लेख आते हैं। इसमें हिमाचल की सतलुज और अन्य नदियों का भी उल्लेख है।महाभारत की कथाओं में भी हिमाचल का युद्ध से संबंधित जिक्र आता है। अनेक प्राचीन नदियों का उद्गम हिमाचल से ही होता है।
जब दिल्ली आएं तो राष्ट्रपति भवन जरूर आएं
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने हिमाचलवासियों का आह्वान किया कि वे जब भी दिल्ली की यात्रा पर आएं तो वे राष्ट्रपति भवन जरूर आएं। उन्होंने नागरिक अभिनंदन पर कहा - आपने जो किया, उससे मैं हृदय से अभिभूत हूं। इसके लिए मैं आभार व्यक्त करता हूं।
राष्ट्रपति के साथ उनकी धर्मपत्नी और देश की प्रथम महिला नागरिक सविता कोविंद भी मौजूद रहीं। उन्होंने उत्साहपूर्ण और गर्मजोशी से किए गए स्वागत के लिए राज्य सरकार तथा प्रदेश के लोगों का आभार व्यक्त किया।
राष्ट्रपति को राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने स्मृति चिन्ह, हिमाचली टोपी और शॉल से सम्मानित किया। राष्ट्रपति को नगर निगम शिमला की महापौर कुसुम सदरेट ने ‘मान पत्र’ भी भेंट किया। राष्ट्रपति ने ‘एक ईंट शहीदों के नाम’ कार्यक्रम के अंतर्गत शहीदी स्मारक के निर्माण के लिए बिलासपुर के संजीव राणा को एक भी ईंट भी भेंट की।
पीटरहॉफ में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा - ‘मैं राष्ट्रपति बनने के बाद पहली बार हिमाचल आया हूं। मूल रूप से राष्ट्रपति हूं, लेकिन राष्ट्रपति भी इंसान होता है।
मेरा प्रयास रहता है कि मेरे कारण जनता को कम से कम असुविधा हो। मेरे शिमला प्रवास के दौरान भी लोगों को प्रशासनिक संवेदनशीलता के बावजूद असुविधा हुई। इसके लिए मैं खेद जताता हूं।’
सोमवार को राष्ट्रपति ने ‘अमर उजाला’ की खबर का संज्ञान लेकर प्रदेश सरकार के अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि उनकी मूवमेंट के दौरान आम जनता को परेशानी न हो इस विशेष ध्यान रखा जाए।