लोगों को यह भी पता नहीं चल रहा है कि कौन सी जमीन सड़क में अधीन है और कौन शेष भूमि बची है। सड़क से निकलने वाली मिट्टी गोबिंदसागर झील में डंप की जा रही है। इसके खिलाफ आवाज उठाने पर झूठे केस दर्ज किए जा रहे हैं।
रोड अलाइनमेंट में आए मकानों को छोड़ कंपनी रोड अलाइनमेंट से बाहर के मकानों को जबरन गिरा रही है। बिजली, पानी के कनेक्शन काटकर लोगों को अंधेरे में रहने को मजबूर किया जा रहा है। प्रशासन और सरकार से बार-बार शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
शिकायत मिलने के बाद राष्ट्रपति भवन से इस संबंध में भारत सरकार के भूमि संसाधन विभाग के सचिव को पत्र लिख कर मामले की जांच करने को कहा गया है। जांच रिपोर्ट भी राष्ट्रपति भवन को देने के लिए कहा है।