शोभायात्रा, झांकियों और भंडारों से सजेगा जन्माष्टमी का पर्व
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर राजधानी शिमला के मंदिरों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस बार शहर के तीन प्रमुख मंदिरों में छह दिनों तक विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
गंज बाजार स्थित राधा कृष्ण मंदिर, बालूगंज स्थित गोपाल मंदिर और शोघी स्थित खुशहाला (डेरा झमेटी) महावीर मंदिर में भजन-कीर्तन, श्रीकृष्ण लीला, हवन, शोभायात्रा, झांकियों और भंडारों का आयोजन होगा। जन्माष्टमी की रात मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय मध्यरात्रि 12 बजे विशेष उत्सव मनाया जाएगा।
गंज बाजार स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में सनातन धर्म सभा की ओर से 137वां वार्षिक उत्सव एक से छह सितंबर तक मनाया जाएगा। एक सितंबर को सुबह 10 बजे हवन के साथ कार्यक्रमों का शुभारंभ होगा। दो सितंबर को दोपहर 12 बजे से शोभायात्रा निकाली जाएगी। चार सितंबर को जन्माष्टमी का व्रत रखा जाएगा जबकि छह सितंबर को नंदोत्सव के अवसर पर दोपहर 12 बजे से भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
बालूगंज स्थित गोपाल मंदिर में इस वर्ष 73वां पावन जन्माष्टमी पर्व मनाया जाएगा। दो सितंबर को दोपहर दो से शाम पांच बजे तक श्रीकृष्ण लीला का वर्णन होगा। तीन सितंबर को दोपहर एक से तीन बजे तक लीला वर्णन और शाम तीन बजे झांकी प्रस्तुत की जाएगी। चार सितंबर को जन्माष्टमी के दिन सुबह छह बजे प्रभात फेरी से कार्यक्रम शुरू होंगे। इसके बाद दिनभर कीर्तन, श्रीकृष्ण लीला वर्णन और झांकी प्रस्तुति होगी। रात 11 से 12 बजे तक श्रीकृष्ण जन्म कथा का आयोजन होगा और मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव मनाया जाएगा। आयोजन में आचार्य विशाल ठाकुर प्रवचन करेंगे।
खुशहाला मंदिर में होगा कृष्ण जन्मोत्सव
शोघी स्थित खुशहाला महावीर मंदिर में 4 से 6 सितंबर तक श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा। चार सितंबर को सुबह सात बजे से भजन-कीर्तन और यात्रा का आयोजन होगा। पांच सितंबर को नंदोत्सव के साथ सुबह 10 बजे से भंडारा होगा। छह सितंबर को भी सुबह 10 बजे से विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पांच और छह सितंबर को शिमला से मंदिर परिसर तक हर घंटे बस सेवा उपलब्ध रहेगी।