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अयोग्य एसएमसी शिक्षकों की भर्ती करने वालों पर कार्रवाई की तैयारी

Sun, 03 Mar 2019 11:21 AM IST
ashok chauhan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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हिमाचल के सरकारी स्कूलों में एसएमसी के तहत अयोग्य शिक्षकों की भर्ती करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। शनिवार को उच्च शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला उपनिदेशकों को आदेश जारी कर अयोग्य शिक्षकों की भर्ती करने वाले स्कूल प्रभारियों और डीलिंग असिस्टेंट का ब्योरा तलब किया है।

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भर्ती नियमों को दरकिनार कर कुछ स्कूलों में अयोग्य शिक्षकों को भर्ती करने के आरोप पर निदेशालय यह कार्रवाई करने जा रहा है। निदेशालय ने भविष्य में नियमों के तहत ही भर्ती करने के आदेश भी जारी किए हैं।

उच्च शिक्षा निदेशालय के मुताबिक 17 जुलाई 2012 को तैयार की गई एसएमसी पालिसी के तहत प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में एसएमसी प्रधानों और उपमंडल अधिकारियों की देखरेख में शिक्षक रखे गए थे। इस भर्ती के लिए सरकार ने भर्ती एवं पदोन्नति नियम भी तैयार किए थे।
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न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता के तहत ही शिक्षक भर्ती के आदेश दिए गए थे। इन शिक्षकों को सरकार ग्रांट इन एड देती है। अयोग्य शिक्षकों की भर्ती करने की शिकायतें मिलने के बाद जयराम सरकार ने जब पड़ताल की तो कुछ भर्तियां संदेह के घेरे में आईं।

सरकार ने इन शिक्षकों को ग्रांट-इन-एड देना बंद कर दिया। ऐसे में यह शिक्षक हाईकोर्ट और ट्रिब्यूनल पहुंच गए। सरकार ने भविष्य में नियमों के तहत भर्ती करने के आदेश जारी किए हैं। पूर्व में इन भर्तियों को करने वाले कर्मियों से भी स्पष्टीकरण मांगने का फैसला लिया गया है।

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शैक्षणिक सत्र शुरू, नहीं मिली एक्सटेंशन

प्रदेश के शीतकालीन स्कूलों में नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने के बाद भी पीरियड बेसिस पर नियुक्त एसएमसी शिक्षकों को एक्सटेंशन नहीं मिली है। इन शिक्षकों के स्कूलों में नहीं जाने से पढ़ाई प्रभावित हो रही है। आने वाले दिनों में लोकसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लगने की संभावना है।

ऐसे में एसएमसी शिक्षकों को अपने भविष्य की चिंता सता रही है। बीते दिनों शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज से मिले एसएमसी शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल को जल्द एक्सटेंशन मिलने का आश्वासन मिला था लेकिन अभी तक इस आश्वासन पर काम शुरू नहीं हुआ है।

25 फरवरी की कैबिनेट बैठक में सरकार ने एसएमसी शिक्षकों के वेतन में 20 फीसदी की बढ़ोतरी की है लेकिन एक्सटेंशन नहीं मिलने से यह बढ़ोतरी भी बेमानी साबित हो रही है।

पीरियड बेसिस एसएमसी शिक्षक संघ के अध्यक्ष मनोज रौंगटा ने सरकार से जल्द से जल्द एक्सटेंशन देने की मांग की है। उन्होंने बताया कि एक्सटेंशन नहीं मिलने के कारण करीब 1800 शिक्षक स्कूलों में नहीं जा पा रहे हैं। 
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