शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के हिंदी विभाग में मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर साहित्यिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। विभागाध्यक्ष डॉ. भवानी सिंह ने कहा कि प्रेमचंद का साहित्य आज भी समाज का मार्गदर्शन करता है और युवा पीढ़ी के लिए उसे पढ़ना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि गोदान और रंगभूमि जैसे उपन्यासों में उठाए गए सामाजिक प्रश्न आज भी प्रासंगिक हैं। डॉ. शोभा रानी, डॉ. सुनीता ठाकुर और डॉ. नरेश कुमार ने भी प्रेमचंद के साहित्य की सामाजिक, मानवीय और यथार्थवादी दृष्टि पर विचार रखे। शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने काव्य-पाठ, कथा-वाचन और समीक्षात्मक प्रस्तुतियां दीं। संवाद