हिमाचल प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने विधानसभा में बजट पर सरकार की खूब खिंचाई की। उन्होंने आर्थिक सर्वेक्षण से लेकर बजट के आंकड़ों में हुए हेरफेर पर भी जमकर खिंचाई की। उन्होंने कहा कि राज्य में औद्योगिक विकास से लेकर विदेशी पर्यटकों तक के प्रदेश में आने का सिलसिला कम हुआ है, जिससे राज्य को भारी क्षति हुई है।
उन्होंने सड़क से लेकर शिक्षा तक की तस्वीर को सदन के सामने रखा। इसके जरिये उन्होंने मुख्यमंत्री की ओर से पेश किए गए बजट का भी विरोध किया। धूमल ने कहा कि राज्य में जब तक भाजपा की सरकार थी, तब तक तो प्रदेश में औद्योगिक विकास और बिजली उत्पादन में तेजी से विकास हुआ। राज्य में आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या में लगातार इजाफा हुआ।
लेकिन कांग्रेस की सरकार बनते ही विदेशी पर्यटकों की संख्या में लगातार गिरावट हो रही है। लोकमित्र केंद्र, सड़क, 20 सूत्रीय कार्यक्रम की स्थिति बेहद खराब है, जबकि उनकी सरकार में राज्य को कई पुरस्कार मिल चुके थे। उन्होंने सरकार से मांग की कि उपभोक्ताओं को फ्री में एलईडी बल्ब दिए जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से संसाधन जुटाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है।
पिछली सरकार की योजनाएं बंद कर दी गई हैं। पिछले दो बजट में विकास के लिए जो प्रावधान किए गए थे, तीसरे बजट में उसे गायब किया गया है। उन्होंने कहा कि नशाखोरी पर रोकथाम के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुल बजट का महज 16.33 फीसदी बजट ही राज्य स्रोत का है। यह स्थिति चिंताजनक है। राज्य में निवेश बंद है।
इस दौरान सदन में भाजपा विधायकों की ओर से सरकार पर राजनीतिक द्वेष भावना से काम करने का आरोप लगाया गया। सोमवार को बजट चर्चा में सरकार के पक्ष में आशा कुमारी, संजय रतन और मुख्य संसदीय सचिव मनसा राम ने भी बोला, जबकि विपक्ष की ओर से राजीव बिंदल, बलदेव तोमर और गोविंद राम शर्मा ने बजट का विरोध किया।