पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने शिमला नगर निगम चुनाव को लेकर हाईकोर्ट के फैसले को ऐतिहासिक करार देते हुए पार्टी चुनाव चिन्ह पर चुनाव कराने की वकालत की है। उन्होंने प्रदेश सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि यदि सरकार में कुछ दम और नैतिकता है तो चुनाव पार्टी चुनाव चिन्ह पर करवा के देख लें।
उन्होंने लगे हाथ मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर भी निशाना साधा। कहा कि मुख्यमंत्री अपने दोष दूसरों पर मढ़ने की कोशिश में रहते हैं। आय से अधिक संपत्ति मामले में उन्हें सिर्फ जमानत मिली है, वे दोष मुक्त नहीं हुए हैं। अंतिम फैसला आने पर सभी को पता चल जाएगा। धूमल ने हमीरपुर में मीडिया से बातचीत में कहा कि हाईकोर्ट के फैसले के वे आभारी हैं।
अब चुनाव तय समयसीमा में होने चाहिए। उन्होंने दावा किया कि शिमला नगर निगम चुनाव भाजपा जीतेगी और मेयर और डिप्टी मेयर भी भाजपा के बनेंगे। शिमला नगर निगम की मतदाता सूचियों में रही कमी के लिए प्रदेश सरकार और कम्युनिस्टों की नगर निगम कमेटी जिम्मेदार है।
समय रहते मतदाता सूचियों की कमियां दूर होनी चाहिए थीं। लेकिन, कम्युनिस्ट और कांग्रेसी दोनों ही नगर निगम चुनाव विस चुनावों के साथ करवाना चाहते थे। धूमल ने कहा कि वीरभद्र सिंह अपने दोषों को छुपाने के लिए अन्य लोगों पर दोषारोपण करते हैं।
इस अवसर पर जिला प्रभारी एवं पूर्व मंत्री प्रवीण शर्मा, संगठन मंत्री संजीव कटवाल, जिला अध्यक्ष अनिल ठाकुर, जिला महामंत्री राकेश ठाकुर, अजय शर्मा, जिला कोषाध्यक्ष तेज प्रकाश चोपड़ा, जिला मीडिया प्रभारी अंकुश दत्त शर्मा भी मौजूद रहे।