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जयराम रमेश पर एक करोड़ का मानहानि केस, हाईकोर्ट ने मांगे साक्ष्य

Tue, 22 Nov 2016 06:47 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल द्वारा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश के खिलाफ दायर मानहानि मामले में इश्यू फ्रेम कर दिए हैं। न्यायाधीश धर्म चंद चौधरी के समक्ष सुनवाई के लिए लगे सिविल सूट में मुख्यत: छह इश्यूज पर दोनों पक्षकारों द्वारा साक्ष्य पेश किए जाएंगे।
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सिविल सूट में दिए तथ्यों के अनुसार वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने 2 अगस्त 2015 को प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से धूमल पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। 3 अगस्त को लगभग सभी समाचार पत्रों में उनके खिलाफ  भ्रष्टाचार को लेकर खबरें प्रकाशित हुई थीं। प्रार्थी धूमल ने सूट में आरोप लगाया है कि घटिया राजनीति के चलते उनको बदनाम करने के इरादे से उनके खिलाफ झूठे और आधारहीन आरोप लगाए हैं।

प्रतिवादी ने उनकी राजनीतिक और सामाजिक छवि को खराब करने के इरादे से प्रेस कांफ्रेंस की। धूमल का आरोप है कि प्रतिवादी द्वारा उनकी छवि को पहुंचाए गए आघात की भरपाई किसी भी तरीके से नहीं की जा सकती। फिर भी फिलहाल उन्होंने प्रतिवादी जयराम रमेश के खिलाफ एक करोड़ रुपये की वसूली का मुकदमा दायर किया है। अब इस मामले में धूमल की ओर से अपने पक्ष में गवाहियां दर्ज करवाई जाएंगी। 
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पंजाब रोडवेज के एमडी को जमानती वारंट जारी

हिमाचल हाईकोर्ट
हिमाचल हाईकोर्ट ने शिमला-धर्मशाला राष्ट्रीय राजमार्ग पर बेतरतीब तरीके से बसों को खड़े रखकर यातायात में असुविधा पैदा करने के मामले में प्रतिवादी पंजाब रोडवेज के प्रबंध निदेशक को जमानती वारंट जारी किया है। यह प्रतिवादी हाईकोर्ट के तलबी आदेशों के बावजूद कोर्ट में पेश नहीं हुआ, जिस कारण कोर्ट ने यह आदेश पारित किए।

हाईकोर्ट ने शिमला-धर्मशाला राष्ट्रीय राजमार्ग के आसपास बनाए गए अवैध निर्माणों को हटाने की प्रगति पर मुख्य सचिव सहित गृह, लोक निर्माण, शहरी विकास और परिवहन विभाग के प्रधान सचिवों सहित नेशनल हाईवे अथॉरिटी को दो सप्ताह के भीतर स्टेट्स

रिपोर्ट दायर करने के आदेश दिए। मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने आशा चौहान द्वारा दायर याचिका को विस्तार देते हुए यह आदेश पारित किए। मामले पर अगली सुनवाई 5 दिसंबर को होगी।
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गाड़ी में कोरेक्स, कैप्सूल पाए जाने पर आरोपी की जमानत खारिज

हाईकोर्ट ने 200 कोरेक्स की बोतलें और 25 हजार 776 स्पास्मो प्रोक्सीवोन प्लस कैप्सूल के साथ पकड़े आरोपी चंद किरण की जमानत याचिका खारिज कर दी। न्यायाधीश धर्म चंद चौधरी ने सोमवार को आरोपी की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि प्रार्थी के खिलाफ  गंभीर आरोप है।

प्रार्थी की गाड़ी से इतने बड़े पैमाने पर मादक दवाओं का बिना किसी लाइसेंस के पाया जाना गंभीर अपराध को दर्शाता है। मामले के अनुसार 21 मार्च, 2015 को एक गाड़ी बद्दी से नालागढ़ को जा रही थी। रास्ते में पुलिस को देखते ही चालक ने गाड़ी वापस मोड़ दी। पुलिस को शक हुआ तो उन्होंने गाड़ी का पीछा किया। पुलिस को पीछे देख चालक गाड़ी को छोड़कर भाग गया। पुलिस गाड़ी को तलाशी के लिए थाना नालागढ़ ले गई।

गाड़ी की डिक्की से 3 गत्ता पेटियों में 200 बोतलें कोरेक्स और अन्य पेटियों में 25,776 कैप्सूल नशीली दवाई स्पास्मो प्रोक्सीवोन प्लस की पाई गई। गाड़ी के कागजातों से पता चला की गाड़ी मालिक चंद किरण निवासी बदलापुर जिला गौतमबुद्ध उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। उसे 31 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में अक्षय कुमार व संदीप धीमान के खिलाफ  भी मामला दर्ज किया गया है जिनके खिलाफ  सोलन के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के समक्ष मुकदमा चल रहा है।
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