डॉक्टर को भगवान मानते हैं। मगर यहां एक डॉक्टर की लापरवाही से बड़ी महंगी साबित हुई। पीड़ित महिला का सड़क पर ही प्रसव हो गया और नजवात की मौत हो गई। लापरवाही का ये मामला हिमाचल के जिला सिरमौर का है।
यहां विधानसभा क्षेत्र शिलाई के बांदली पंचायत के कुफर गांव की एक महिला को सड़क पर ही बच्चे को जन्म देना पड़ा। ग्रामीणों का आरोप है कि महिला प्रसव पीड़ा के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिलाई गई।
लेकिन वहां के चिकित्सक ने यह कह कर रेफर कर दिया कि उसका प्रसव अस्पताल में नहीं हो सकता। महिला बमुश्किल पैदल बस स्टैंड पहुंची कि उसकी प्रसव पीड़ा तेज हो गई। महिला के साथ कोई नहीं था। वह अकेले ही प्रसव के लिए अस्पताल आई थी।
ग्रामीण ने किया विरोध
बस स्टैंड पहुंचने पर महिला की प्रसव पीड़ा और तेज हो गई। इस बीच स्थानीय कुछ लोगों ने महिला की हालत को देखते हुए 108 एंबुलेंस को सूचना दी। एंबुलेंस के पहुंचते ही महिला को जैसे ही गाड़ी में रखने की तैयारी की महिला ने सड़क में ही बच्चे को जन्म दे दिया। बताया जा रहा है कि बच्चा मृत पैदा हुआ। मौके पर लोगों की भीड़ जुटने के कारण मातृ-शिशु को लेकर तत्काल शिलाई अस्पताल पहुंचे।
इस बीच पूरे इलाके में बात फैल गई। ग्रामीण अस्पताल आ धमके। बांदली पंचायत के इंटक प्रधान बंसीराम ठाकुर, बजरंग दल के प्रखंड अध्यक्ष बारूराम, श्याम सिंह, सूरत सिंह, बाबूराम, कमना राम का कहना है कि जब महिला को प्रसव पीड़ा थी तो उसे क्यों रेफर किया गया।
सीएमओ ने दिए जांच के आदेश
मुख्य चिकित्साधिकारी डा. संजय शर्मा ने कहा कि मामले में किसकी लापरवाही थी, इसकी जांच की जाएगी। खंड चिकित्साधिकारी को जांच सौंपी गई है। वह खुद भी शुक्रवार को शिलाई का दौरा करेंगे। मामले में उचित कार्रवाई करेंगे। महिला को उपचार देने के भी आदेश दिए हैं।