मनरेगा सहित पंचायत में चल रहे विकास कार्यों में अब प्रवासी मजदूर भी दिहाड़ी लगा सकते हैं। जयराम सरकार ने प्रदेश में कर्फ्यू के चलते रह रहे मजदूरों को राहत देने के लिए यह फैसला लिया है। पंचायत क्षेत्रों में रह रहे प्रवासी मजदूर संबंधित सचिव और प्रधान से संपर्क कर दिहाड़ी लगाने के लिए संपर्क कर सकते हैं। प्रदेश सरकार ने पंचायत में मनरेगा के अलावा 14वें वित्त आयोग के तहत विभिन्न विकासात्मक कार्यों को जारी रखने का निर्णय लिया गया है, जिससे कि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होते रहें।
साथ ही प्रवासी लोगों को भी आय का साधन मिलेगा। उधर, ग्रामीण विकास मंत्री वीरेंद्र कंवर ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि किसी विकास खंड के क्षेत्र में अगर प्रवासी श्रमिक हों, तो खंड विकास अधिकारी ऐसे श्रमिकों को कार्य के निष्पादन में भाग लेने का अवसर दें सकते हैं। निष्पादित कार्यों की दैनिक रिपोर्टिंग सरकार को और सूचना उपलब्ध करवाई जाए।
जल संरक्षण के कामों में मनरेगा में मिलेगी प्राथमिकता
कोरोना कर्फ्यू अगर तीन मई के बाद बढ़ता हैं, तब भी सूबे में मनरेगा काम जारी रहेंगे। जल शक्ति और ग्रामीण विकास विभाग ने संयुक्त रूप से जल संरक्षण के कामों में मनरेगा में प्राथमिकता देने की योजना बनाई है। जिसके लिए दोनों विभागों ने काम शुरू कर दी है।
जल शक्ति विभाग पिछले साल से ही जल संरक्षण की दिशा में काम कर रहा हैं, ऐसे में अब मनरेगा के तहत इन कामों और प्राथमिकता दी जाएगी। मई महीने में पंचायत प्रतिनिधि संबंधित विकास खंड अधिकारियों को मनरेगा के तहत कामों की डिटेल भेज सकते हैं, जिसमें जल संरक्षण के कामों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।